
इंसान का सबसे बड़ा उस्ताद, इंसान खुद होता है, जिस इंसान को अपने वजूद में कोई ऐब नज़र ना आये, तो समझ जाना उसकी ज़हालत उसकी इंतेहा को पहुँच चुकी है,
ऐसे इंसान, इंसानों की शक्ल में गधे होते है
फरमान ए मौला अली अलैहिस्लाम

इंसान का सबसे बड़ा उस्ताद, इंसान खुद होता है, जिस इंसान को अपने वजूद में कोई ऐब नज़र ना आये, तो समझ जाना उसकी ज़हालत उसकी इंतेहा को पहुँच चुकी है,
ऐसे इंसान, इंसानों की शक्ल में गधे होते है
फरमान ए मौला अली अलैहिस्लाम
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