
मुफ़स्सिर ए शहीर मुफ़्ती अहमद यार ख़ान नईमी रहमतुल्लाह अलैह अपनी ” किताब इस्लामी ज़िन्दगी ” में लिखते हैं कि…….
22 रजब को सैय्यदना इमाम जाफ़र सादिक़ अला जददेही व अलैहिस्सलाम के नाम से कूंडे की नियाज़ करना ब-बरकत है
रजब के महीने की 22 तारीख़ को हिन्दो पाक में कूंडे होते हैं यानी नए कूंडे मंगाए जाते हैं और सवा पाव मैदा सवा पाव शक्कर सवा पाव घी में पूरियां बना कर हज़रत सैय्यदना इमाम जाफ़र सादिक़ अला जददेही व अलैहिस्सलाम की फ़ातिहा करते हैं
📒 इस्लामी ज़िन्दगी सफ़ह 75

रजब के महीने में 22 तारीख़ को कूंडे की रस्म बहुत अच्छी और बरकत वाली है
📒 इस्लामी ज़िन्दगी सफ़ह 79

बाईसवीं (22) रजब को हज़रत सैय्यदना इमाम जाफ़र सादिक़ अला जददेही व अलैहिस्सलाम की फ़ातिहा करें इससे बहुत अड़ी हुई मुसीबत (बड़ी सख़्त मुश्किल) टल जाती है
📒 इस्लामी ज़िन्दगी सफ़ह 133

