
रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का बनु उमैया के लिये कॉल।
अबू बरजह अस्लमी फरमाते है
“ज़िंदा लोगो में रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम सब से ज्यादा बनु उमैय्या बनु हनीफा और बनु सक़ीफ़ पर नाराज थे”
अल मुस्तरदाक सही ज़िल्द 6 पेज 615 हदीस न. 8482
अबु सईद खुदरी फरमाते है की रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया . . . . . .
“मेरे बाद मेरी उम्मत की जानिब से मेरी अहलेबैत को क़त्ल और भागने का सामना होगा और मेरी कौम के साथ सब से ज्यादा बुग्ज रखने वाले लोग बनु उमय्या, बनु मुग़ीरह और बनु मख्जूम है”
अल मुस्तरदाक सही ज़िल्द 6 पेज 624 हदीस न. 8500
ये दोनों हदीस बुखारी और मुस्लिम के मयार पर सही है लेकिन नक़ल नहीं किया है।
एक ऐसी ही रिवायत मिसकवत उल मसबीह में भी है की आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बनु उमैय्या बनु हनीफा और बनु सक़ीफ़ पर नाराज थे
मिसकवत उल मसबीह ज़िल्द 5 पेज 163 हदीस न. 5992

