
खौफनाक सांप
हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम के हाथ में एक असा था। खुदा ने फ़रमायाः ऐ मूसा! ज़रा इस असा को ज़मीन पर डालो । हज़रत मूसा ने उसे जमीन पर डाला तो वह खौफनाक सांप बनकर लहराने लगा। हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम ने यह मंज़र देखकर पीठ मोड़ ली। पीछे मुड़कर न देखा। खुदा ने फ़रमायाः ऐ मूसा! डरो नहीं। इसे पकड़ लो, यह फिर वही असा बन जायेगा। चुनांचे आपने उस सांप को पकड़ा तो वह फिर वह असा बन गया। अल्लाह तआला ने यह भी एक मोजिज़ा अता फरमाकर मूसा अलैहिस्सलाम से फरमाया कि अब फिरऔन की तरफ जाओ। उसे डराओ, और उसे समझाओ कि वह कुफ्र व तुग़यानी को छोड़ दे। अगर वह मोजिज़ा तलब करे तो यह असा डाल कर उसे दिखाओ। ।
(कुरआन करीम पारा १६ रुकू १०, पारा २०, रुकू ७)

सबक़ : अंबिया अलैहिमुस्सलाम को अल्लाह तआला ने बड़े-बड़े मोजिज़ात अता फरमाये हैं । वह ऐसे ऐसे काम कर दिखाते हैं जो दूसरे हरगिज़ नहीं कर सकते।

