अब्दुल रेहमान बिन Moqil ने कहा
“मैंने अली के साथ नमाज़ अदा की फिर अली ने कुनद पढ़ा और कहा. . . . . .
“अय अल्लाह, मुआविया और उसके पैरोकारों को सजा दे, अमरों बिन आस और उसके पैरोकारों को सजा दे, अब्दुल्लाह बिन क़ैस और उसके पैरोकारों को सजा दे।”
अल्लाहु अकबर
ये रिवायत दो हदीस की किताबो में है, दोनों का स्कैन पेज यहाँ मैंने रखा है, ये खास कर उन लोगो के लिए है जो मुआविया को ये केह कर बचाने की कोशिश करते है की मौला अली अलैहिसलाम ने मुआविया के बारे में कुछ कहा हो तो उनका कॉल दिखाओ।
– Kanzul Ummal, Volume 8 page 420 हदीस 21989
– Musannaf Ibn Abi Shayba v.3 p.273 no.7116





