
तू मेरा सफ़ी और अमीन है
पहली हदीस-
रावीयान ए हदीस, ज़करिया बिन यहया, मुहम्मद बिन यहया बिन अबु उमर, अबु मरवान (मुहम्मद बिन उस्मान बिन खालिद), अब्दुल अजीज़ बिन मुहम्मद, यजीद बिन अब्दुल्लाह बिन उसामा बिन अल्-हद, मुहम्मद बिन नफ़ी बिन उजैर अपने वालिद से और वो हज़रत अली अलैहिस्सलाम से रिवायत करते हैं कि, रसूलुल्लाह सल्लललाहु अलैहे व आलिही व सल्लम ने मुझे फरमाया, “ऐ अली! तू मेरा सफ़ी और अमीन है, मेरा कर्ज़ या मैं अदा करूँगा या अली अदा करेगा। “
दूसरी हदीस
रावीयान ए हदीस, अहमद बिन सुलेमान, यहया बिन आदम, इस्राईल बिन यूनुस, अबु इस्हाक जनाब हब्शी बिन जुनादह अस्-सलूली से रिवायत है कि रसूलुल्लाह सल्लललाहु अलैहे व आलिही व सल्लम ने फरमाया, “अली मुझसे है और मैं अली से हूँ। मेरा कर्ज़ कोई नहीं अदा करेगा मगर मैं खुद अदा करूँगा या अली अदा करेगा।”

