
हज़रत अबू सईद खुदरी (रज़िअल्लाहु तआला अन्हु) से रिवायत है
हुजूर अलैहिस्सलाम ने इरशाद फरमाया –
जिसने अहले बैत से बुग्ज़ रखा वाे मुनाफिक़ है ।
📚 दुर्रे मन्सूर -7/349
📚 इमाम अहमद बिन हम्बल -फज़ाइले सहाबा -2/661

हज़रत अबू सईद खुदरी (रज़िअल्लाहु तआला अन्हु) से रिवायत है
हुजूर अलैहिस्सलाम ने इरशाद फरमाया –
जिसने अहले बैत से बुग्ज़ रखा वाे मुनाफिक़ है ।
📚 दुर्रे मन्सूर -7/349
📚 इमाम अहमद बिन हम्बल -फज़ाइले सहाबा -2/661
