ब-रोज़े क़यामत हुजूर के साथ हुजूर के दर्जे में

ब-रोज़े क़यामत हुजूर के साथ हुजूर के दर्जे में

… पंजतन पाक अलैहमुस्सलाम से मुहब्बत करने वालो के लिए अजरे अज़ीम

جعل الله ولستلم अमीरुल मोमिनीन सैय्यदना अली इब्ने अबी तालिब फ़रमाते हैं के हुजूर नबी ए अकरम ने हसन और हुसैन का हाथ पकड़ कर फ़रमाया ” जिसने मुझसे मुहब्बत की और इन दोनों (हसन और हुसैन) से और इनके वालिद (सैय्यदना अली) से और इनकी वालिदा (सैय्यदा फ़ातिमा) से वो क़यामत वाले दिन मेरे साथ मेरे दर्जे में होगा

फ़ज़ाइल ए सहाबा जिल्द 2 सफ़ह 693, अल शिफ़ा क़ाज़ी अयाज़ जिल्द 2 सफ़ह 20, अल रियाज़ अल नज़रा मुहिबुद्दीन तबरी जिल्द 1 सफ़ह 277

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