Hadith Mustadrak 7947

[मफ़हूम-ए-हदीस)

_गरीबों से मुहब्बत करो और उनके साथ बैठा करो,”

(📚मुसतदरक-7947)

Hadith Tirmizi 2497

[मफ़हूम-ए-हदीस]

_बद-किरदार आदमी अपने गुनाहों को ऐसा समझता है के गोया एक मक्खी उसकी नाक पर बैठ गई हो,”

(तिर्मिज़ी-2497)

Hadith Muslim 618

[मफ़हूम-ए-हदीस]

_लोगों के रास्ते और साया दार जगह में पाखाना , पेशाब और गंदगी ना करो,”

(📚मुस्लिम-618)

Hadith Muslim 5386

[मफ़हूम-ए-हदीस]

_तुममें से कोई अपने बाएं हाथ से ना खाए और ना बाएं हाथ से पिये , क्युँकि शैतान अपने बाएं हाथ से खाता-पीता है,”

(📚मुस्लिम-5386)

Dua e Hirz

Hirz means Shield and Guard.
This is the authentic and famous Dua of Shield or Guard by Mawla Imam Ali which protects and safeguards the reciters of this Dua Hirz Imam Ali from every calamities and all the diseases and accidents.