[मफ़हूम-ए-हदीस]
“_बद-किरदार आदमी अपने गुनाहों को ऐसा समझता है के गोया एक मक्खी उसकी नाक पर बैठ गई हो,”
(तिर्मिज़ी-2497)
[मफ़हूम-ए-हदीस]
“_बद-किरदार आदमी अपने गुनाहों को ऐसा समझता है के गोया एक मक्खी उसकी नाक पर बैठ गई हो,”
(तिर्मिज़ी-2497)
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