Hadith Masnad Al-Firdous 5104

Ameerul Momineen Sirf Maula Ali Karrammallahul wajhul Kareem Wa Alaihyssalam Hain👇

      
Fazilat E Ameerul Momineen Maula Ali :
(عليه السلام)

Hazrat Huzaifa Yamani (r.a) se Riwayat hai ke NABI E KARIM (ﷺ) ne farmaya:

Agar Logo’n ko ye Maloom Hota ke ALI (عليه السلام) ka Naam Ameer-ul-Momineen kab Rakha gaya to Hargiz ALI (عليه السلام) ki Fazailat ka inkar na karte

ALI (عليه السلام) ka Naam us waqt Ameer-ul-Momineen Rakha gaya ke jab ADAM (عليه السلام) Rooh or Jism ke darmeyan the,

Us waqt ALLAH ne Arwaah ko Mukhitab kar ke farmaya:

Main Tumhara KHUDA Hoon aur MUHAMMAD (ﷺ) Tumhare Nabi Hain aur ALI (عليه السلام) Tumhare Ameer Hain.
(عليه السلام) (ﷺ)

Ref: Ahl-e-Sunnat Book:
Masnad Al-Firdous, Jild:2, Page:197,
Hadees:5104, Bab: Al-Laam,
Writer: Imam Dailmi

6 इज्ज़त बढ़ाने वाली चीज़ें

6 इज्ज़त बढ़ाने वाली चीज़ें ज़रूर पढ़ें
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हिस्सा (1)
यक़ीनन हम और आप से कभी कभार कुछ ऐसे काम हो जाते हैं जिससे दूसरों के सामने शर्मिंदा होना पड़ता है, और लोग इस का फ़ायदा उठा कर हमें ज़लील करते हैं, लेकिन क्या आपको मालूम है कि 6 काम ऐसे हैं अगर हम उन को अपनी ज़िन्दगी का हिस्सा बना लें तो इंशाअल्लाह अल्लाह आपको कभी बे यारो मददगार नहीं छोड़ेगा और रुसवा नहीं करेगा |

क्या आप जानते हैं कि अल्लाह के रसूल सल्लल लाहु अलैहि वसल्लम की अज़मत और बड़ाई का राज़ इन 6 चीज़ों में है जिनको नुबुव्वत से पहले ( यानि नबी होने के ऐलान से पहले ) और सीरत की किताबों में साफ़ साफ़ ज़िक्र है कि जब हमारे नबी ﷺ.एक बार परेशानी की हालत में थे तो प्यारी बीवी हज़रत ख़दीजा रज़ियल्लाहु तआलाअन्हा. ने दिलासा देते हुए कहा कि आप क्यूँ परेशान होते हैं अल्लाह की क़सम वो आप को कभी रुसवा या परेशान नहीं होने देगा क्यूंकि आपके अन्दर ऐसी ऐसी खूबियाँ हैं,

तब हज़रत ख़दीजा रज़ियल्लाहु तआलाअन्हा ने 6 खूबियाँ और सिफात बतायीं जो नीचे जो इन्सान को ज़िल्लत के गढढ़े से निकाल कर इज्ज़त और अज़मत की बुलंदी तक ले जाती हैं वो 6 खूबियाँ ये हैं…

  1. आप ( हमारे नबी ﷺ) रिश्तेदारों से अच्छा बरताव करते हैं
    यानि आपका कोई भी रिश्तेदार हो वो आप के साथ अच्छा करे या बुरा आप हमेशा उससे मुस्कुराहट और मुहब्बत से मिलते हैं |
  2. आप लोगों के बोझ उठाते हैं
    ये बोझ ऐसा भी हो सकता है कि कोई जा रहा था बोझ लादे हुए लेकिन उठा नहीं पा रहा था, तो आपने उस को उठाने में उसकी मदद की, और ऐसी भी हो सकता है कि किसी के दिल पर कोई बोझ था आपने उसे दिलासा देकर या फंसा हुआ काम निपटा कर उस बोझ को हटा दिया |
  1. आप हमेशा सच बोलते हैं
    कैसे भी हालात आ जाएँ ऐसे बुरे माहौल में भी आप हमेशा सच ही बोलते हैं चाहे कोई नुक़सान ही क्यूँ न उठाना पड़े लेकिन ये नुक़सान कोई नुक़सान नहीं हकीकत में झूट बोलना दुनिया व आख़िरत दोनों का बहुत बड़ा नुकसान है
    और हमारा हाल ये है कि हम आज चन्द पैसे कमाने के लिए भी अपने कारोबार में झूट बोलते हैं और कहते हैं कि ऐसे न करो तो कारोबार नहीं चलता है
  2. जो कमा नहीं सकता उसको कमा के देते हैं
    यानि जो बेवा बीमार हैं या परेशान हाल हैं उनके घर कोई ऐसा नहीं जो कमा के ला सके, और या यतीम है तो उसकी ज़िन्दगी आसान बनाने में उसका साथ देते हैं |
  3. आप बड़े मेहमान नवाज़ हैं
    कोई भी मेहमान आता है तो ये समझते हैं कि अल्लाह की बरकत लेकर आया है और उसकी खूब खातिरदारी करते हैं, बगैर ये सोचे हुए कि ये मेरी ख़ातिरदारी करता है कि नहीं, हर मेहमान के साथ एक जैसा बरताव करते हैं |
  4. मुसीबत में लोगों के साथ खड़े होते हैं
    कोई भी शख्स के सामने कोई भी मुसीबत आन पड़ी तो अपनी मुसीबत समझ कर उसको निपटाने में उसका साथ देते हैं और इस मुश्किल को ख़त्म करने के लिए पूरी ताक़त लगा देते हैं,
    एक बहुत अहम् बात
    और ये सारी चीज़ें आप किसी पर एहसान समझ कर नहीं बल्कि खुद अपने सवाब और अल्लाह की रज़ा और खुशनूदी हासिल करने के लिए करते हैं |
    ये 6 चीज़ें अगर आपने अपना लीं तो ये समझिये कि जो नबी का तरीक़ा है वही तरीक़ा आप ने अपनाया हुआ है, और इस से बढ़कर खुशनसीबी क्या हो सकती है, और इन चीज़ों का अपनाने वाला न सिर्फ दुनिया में बल्कि आख़िरत में भी इज्ज़त कि निगाह से देखा जायेगा जहाँ सब अपने किये बुरे आमल पर शर्मिंदा होंगे वहां वो अज़मत के मक़ाम पर बैठा होगा और जन्नत की हवाओं का लुत्फ़ ले रहा होगा |
    अल्लाह हम सबको अमल की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए

Hadith Sayyidah Fatimah سلام الله عليها Ka Naam Fatimah iss liye

Sayyidah Fatimah سلام الله عليها Ke Jaame’ Manaqib Ka Bayan

“Hazrat Jaabir Bin Abd-ul-Allah RadiyAllahu Ta’ala Anhuma Se Riwayat Hai Ki RasoolAllah SallAllahu Ta’ala Alayhi Wa Aalihi Wa Sallam Ne Farmaya :
Meri Beti Ka Naam Fatimah Is Liye Rakha Gaya Hai Ki Allah Ta’ala Ne Use Aur Us Se Muhabbat Rakhne Waalon Ko Dozakh Se Juda Kar Diya Hai.”

Is Hadith Ko Imam Daylami Ne Riwayat Kiya Hai.

[Daylami Fi Musnad-ul-Firdaws, 01/346, Raqam-1385,

Hindi Fi Kanz-ul-Ummal, 12/109, Raqam-34227,

Sakhawi Fi Istijlab Irtiqa’ Al-Ghuraf, 01/86,

Ghayat-ul-Ijabah Fi Manaqib-il-Qarabah,/111, Raqam-122.]