ह़दीस क़ब्र पर बैठने

पहली ह़दीस👇

📖सुनन इब्ने माजा में है कि👇

عن عقبة بن عامر قال قال رسول الله صلى الله عليه وسلم لان امشي على جمرة أو سيف أو اخصف نعلي برجلي احب الي من ان أمشي على قبر مسلم :

तर्जुमा:— नबी ए करीम सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने फरमाया मुझे आग़ के अंगारे पर या तलवार पर या अपने जूते को अपने पांव के ज़रिए सी लूं उस पर चलना ज़्यादा पसंद है कि मैं किसी मुसलमान की क़ब्र पर चलूँ

📕📚सुनन इब्ने माजा शरीफ़ जिल्द 2 सफह 780— ما جاء فی النہی عن المشی علی القبر والجلوس علیہا

दूसरी ह़दीस👇

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْمُبَارَكِ، عَنْ وَكِيعٍ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ سُهَيْلٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ: قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ: «لَأَنْ يَجْلِسَ أَحَدُكُمْ عَلَى جَمْرَةٍ حَتَّى تَحْرُقَ ثِيَابَهُ خَيْرٌ لَهُ مِنْ أَنْ يَجْلِسَ عَلَى قَبْرٍ»

तर्जुमा:— ह़ज़रते अबू ह़ुरैरा रज़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने फरमाया

तुम में से किसी शख़्स का अंगारे पर बैठना जिस से उसके कपड़े जल जाऐं, क़ब्र पर बैठने से बेहतर है

📕📚सुनन निसाई जिल्द 1 ह़दीस 2046

तीसरी ह़दीस:—–👇

حَدَّثَنَا سُوَيْدُ بْنُ سَعِيدٍ، ‏‏‏‏‏‏حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ أَبِي حَازِمٍ، ‏‏‏‏‏‏عَنْ سُهَيْلٍ، ‏‏‏‏‏‏عَنْ أَبِيهِ، ‏‏‏‏‏‏عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، ‏‏‏‏‏‏قَالَ:‏‏‏‏ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ:‏‏‏‏ لَأَنْ يَجْلِسَ أَحَدُكُمْ عَلَى جَمْرَةٍ تُحْرِقُهُ خَيْرٌ لَهُ مِنْ أَنْ يَجْلِسَ عَلَى قَبْرٍ

तर्जुमा— रसूल अल्लाह सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम ने फरमाया : तुम में से किसी का आग के शोले पर जो उसे जला दे बैठना उसके लिए क़ब्र पर बैठने से बेहतर है

📕📚सुनन इब्ने माजा जिल्द 2 ह़दीस 1566