तो तुम अपने रब कि कौन कौन सी नेमतो को झुठलाओगे

जो लोग खाने से पहले थोड़ा नमक चख लें वो लोग 30; किस्म कि बीमारियों से मेहफूज रहते हें

खजूर को नाश्ते में इस्तेमाल करो ताकि तुम्हारे अंदुरानी जिरासीम का खात्मा हो जाये

ग़म का शिकार हो तो खीर खा लिया करो

जुकाम से मत घबराओ ये तुम्हे जूनून से महफूज़ रखता हे

कलोन्जी में मौत के सिवा हर बीमारी का इलाज हे

आँख का दुखना अंधे होने से बचाता हे

खाँसी के होने से फालीज से हिफाज़त रहती हे

एक बार दुरूद पढ़कर अपने दोस्तों को भेजो

“जेतून”के तेल में 76.बीमारियों का इलाज हे

“आब-ए-ज़म ज़म”हर बीमारी का इलाज हे

अनार “में जन्नत के पानी का एक क़तरा होता हे

जिस घर में खजूर हो वो घर वाले कभी भूके नहीं रहेंगे

“अज़ान” का एक जुमला सुनकर उसे दोहरायें तो उसके नाम-ए-अमाल दो लाख नेकिया लिख दी जाती हें

जो सुनकर दूसरे को बताये तो उसके नाम-ए-अमाल में 30.लाख नेकिया लिख दी जाती हें

क़यामत के दिन तो इंसान एक एक नेकी को तरासेगा ज़रा इस मेसेज को गोर से समझो अच्छालगे तो फॉरवर्ड करो

(वी.आई.पी.तोहफ़ा)

“सुरए यासीन” फजर के बाद पढ़ने से हर ख्वाइश पूरी होती हे

“सुरेए वाकया”मग़रिब के बाद पढ़ने से कभी फांका नहीं होता

“सूरए कौसर”दुश्मनों कि दुश्मनी से बचाती हे

“सूरए काफीरुन” मौत के वक्त कुफ्र से बचाती हे

“सूरए इख़्लास”

मुनाफिकात से बचाती हे

“सूरए फलक”हादसों से बचाती हे

“सूरए नास”वसवसो से बचाती हे

ये तोहफ़ा दूसरो को भी दें अल्लाह अफजल तोहफ़ा देने वालो को पसंद करता हे

अल्लाह ने अपने बंदों पे नेमतें कि जिन में 3.ये हें

(1) अनाज में कीडे पैदा किये ताकि अमीर लोग सोने चांदी कि तरह न जमा करे वरना लोग भुके मरते

(2)मौत के बाद मुर्दे के जिस्म में बदबू पैदा कि वरना कोई अपने मेहबूब को दफन न करता

(3)मुसीबत के बाद सब्र ओर सुकून दिया वरना ज़िंदगी कभी खुशगँवार न होती

तो तुम अपने रब कि कौन कौन सी नेमतो को झुठलाओगे

ये मेसेज शैतान फॉरवर्ड करने से रोकेगा मगर आप होने न दें ओर सब मोमीनों को सेंड करें

“जज़ाक अल्लाह “

हुजूर ﷺने फरमाया मुझे बच्चो कि 5 आदतें पसंद हें

(1)वो रोकर माँगते हे ओर अपनी बात मनवा लेते हें

(2)वो मिट्टी से खेलते हें (यानी गुरूर खाक में मिलाते हें )

(3)झगड़ते हें फिर सुलह कर लेते हें (यानी दिल में हसद बुग्ज ओर किना नहीं रखते)

(4)-ये मिल जुल कर खाते हें ओर खिलाते हें (यानी जियादा जमा करने कि हिरस नहीं करते)

(5)मिट्टी के घर बनाते हें ओर खेल कर तोड़ देते हें (यानी ये बताते हें दुनियाँ फ़ानी हे)

बुखारी शरीफ

इस लिये अपने रब के के सामने रोना सीखो ओर अपने रब को मना लो बेशक अल्लाह रब्बूल इज्ज़त 70.माँओ से जियादा मुहब्बत करता हैे !

जो शख्स सोते वक्त 21 बार बिस्मिल्ला पढ़ता हे अल्लाह फरिश्तों से कहता हैे कि इस की हर साँस के बदले नेकिंया लिख दो सुभान अल्लाह