Hadith:Ahle bait ki afzaliyat o maqam

खुलफा ए राशीद्दीन की अफजलियत अहले बैत के बाद है
📚तकमिलुल ईमान सफा न.190 शेख अब्दुल हक़ मुहद्दीस ए देहलवी

हजरत इब्ने अब्बास रजियल्लाहु अन्हुमा से रिवायत है कि रसूले करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमायां : आसमान के तारे अहले जमीन के लिये सफरे दरिया में डूबने से बचाने में बाइसे पनाह और मोजिबे अमान हैं । मेरे अहले – बैत मेरी उम्मत को इखतिलाफ और तफरका में पड़ने से बचाने में बाइसे अमन हैं । जब मेरे अहले – बैत Ahle-Bait से कोई गिरोह इखतिलाफ करके अलग हो जाए तो वह गिरोह शैतानी गिरोह समझा जाएंगा ।
( खसाइसुल – कुबरा जिल्द दोम , सफा 497 )

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