Zikr e Fazail e Hazrat Ali Reza AlahisSalam

Imam Ali Reza ( عليه السلام) K Rauza e Mubarak Ki Ziyarat Karne Ki Fazilat

Imam Ali Reza (عليه السلام) Ne Farmaya : Jo Koi Shaqs Mujhse Mulaqat Karta Hai , Mujhse Dur Rehne Ke Bawajood , Mai Qayamat Ke Din 3 Jageh Par Uski Madad Ke Liye Aao’nga
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1 – Jab Tumhara Naam e Aamal Daa’ain (Sideh) Ya Baa’ain (Ulte) Hath Mein Diye Jayege.
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2 – Pul e Serat Paar Karte Waqt.
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3 – Jab Tumhare Achche Aur Burey Aamal Ko Mizan (Tarazu) Par Rakha Jayega.
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Reward of Visiting the Holy Shrine of Imam Ali Reza ( علیه السلام )
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Imam Ali Reza ( علیه السلام) Said :
Anyone Who Visits Me, Despite Living Far Away From Me, I Will Come To Help Her/Him in 3 Places on Judgement Day
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1 – When You Receive Your Deeds Record On Either Left or Right Hand.
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2 – When Crossing The Bridge of Serat.
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3 – When Your Good and Bad Deeds Are Put on The Scale.
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من زارنی علی بعد داری , أتیته یوم القیمه فی ثلث مواطن حتى أخلصه من أهوالها اذا تطایرت الکتب یمینا وشمالا وعند الصراط وعند المیزان.
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.Subhan Allah ❤

Reference:-Tareekh Nishabur , Page 26, 27
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اَللّٰھُمَّ صَلِّ عَلَی سَیِّدِنَا مُحَمَّدٍ وَ عَلَی اٰلِ سَیِّدِنَا مُحَمَّدٍ وَ بَارِکْ وَ س٘لِّمْ

मौला इमाम अल रिदा अलैहस्सलाम की वो बाते जो मुल्लो ने किसी बुग्ज़ में उम्मत से छिपा के रखी है !

सैय्यद अली बिन शहाब हमदानी ने *पैगम्बर-ए-अकरम सल्लाहो अलैह वा सल्लम* से नकल किया है आप फरमाते है
*“बहोत जल्द मेरे जिस्म का एक हिस्सा खुरासान में दफन होगा जिसको भी ज्यादा गुस्सा आता हो और वो आपकी ज़ियारत करेगा तो खुदावंद करीम उसके गुस्से को दूर करेगा और अगर कोई गुनहगार भी आपकी ज़ियारत करेगा अल्लाह रब्बुल इज्जत उसके गुनाहों को भी मुआफ़ करेगा*

हमवीनी ने अपनी सनद के साथ रसूले खुदा सल्लाहो अलैह व सल्लम से नकल किया है आप फरमाते है

*बहोत जल्द मेरे जिस्म के एक हिस्से को खुरासान में दफन किया जाएगा जो मोमिन भी उनकी ज़ियारत करेगा उस पर अल्लाह जन्नत को वाजिब कर देगा और उस पर जहन्नुम की आग को हराम कर देगा*
बुक रेफ्रेंस
(1) मवद्दत अल क़ुर्बा पेज 140
और या नबी अल मवद्दत पेज 365
(2) फराईद उल सिम्तएन हदीस न. 2/188

*दोनों ही किताबे अहले सुन्नत की है* शिया की नही है

इसके अलावा एक बात और जो मुल्ले आपसे छिपाते है वो है हर सिलसिले में तरीक़त के इमाम और बहोत बड़े सूफी जिनका ज़िक्र हर सिलसिले में होता है हज़रत सैय्यदना मारूफ अल करखी रहमतुल्लाह अलैह मौला इमाम अल रिदा अलैहस्सलाम के गुलाम है और आप ही से दस्ते बैत होकर इस्लाम से मुशर्रफ हुए

दूसरी बात आप अलैहस्सलाम ने कैथोलिक चर्च के पॉप और यहुदियों के बड़े बड़े रहिबो से मुनाजरा किया है और उसमें उन्हें हराया है
आपके एक शागिर्द मोहम्मद अल ज़बीर जो आपकी सोहबत में रहकर ही गणित के सूत्रधार बने जिनके नाम पर हम उस गणित को *अलजेब्रा* कहते है
आप अलैहस्सलाम ने नागरिक संहिता (मौलिक अधिकारों ) पर भी बहोत लिखा है आप ज़बरदस्त राजनीतिज्ञ जानकार थे जिनके वज़ह से ही खलीफा मामून राशिद की खिलाफत चमक उठी थी और उसके दौर को सुनहरा दौर कहा जाता है

आप चारो आसमानी किताबो के हाफिज थे

मौला हमे इमाम अल रिदा अलैहस्सलाम के सदके और तुफैल से हमारे सगीरा कबीरा को मुआफ़ करे
आमीन

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