Madina ke moti 20

निकाह के फज़ाइल

🖋️ खालिके कायनात ने मर्दो औरत के दरमियान एक दूसरे की महब्बत से सुकून हासिल करने और लुत्फ़ अन्दोज़ होने की जो ख्वाहिश रखी है, उसका नाम ‘जिमाअ’ है। इस ख्वाहिश को पूरा करने के लिये शरीअते इस्लामी ने निकाह का तरीका बताया है।
💐 निकाह हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की निहायत अहम सुन्नत है। निकाह आपस में उन्सो महब्बत, इख्लासो हमदर्दी पैदा होने का सबब है। निकाह से दो अजनबी अफराद रिश्तए इज़्दिवाज में मुन्सलिक हो जाते हैं और एक दूसरे के सच्चे हमदर्द और ज़िन्दगी भर के लिये शरीके हयात बन जाते हैं।

📖 कुरानः – अल्लाह तआला इरशाद फ़रमाता है : “तो निकाह मे लाओ जो औरतें तुम्हें खुश आयें।”
📚 (सुरह अन्निसा)
☞ “और अल्लाह ने तुम्हारे लिए तुम्हारी जिन्स से औरतें बनायीं और तुम्हारे लिए तुम्हारी औरतों से बेटे और पोते और नवासे पैदा किये।”
📚 (सूरह नहल)

🖋️हदीसः – रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमायाः “दुनिया की तमाम चीजें फायदा उठाने के लिए हैं और दुनिया की बेहतरीन फायदा उठाने की चीज़ नेक औरत है।”
📗 (मुस्लिम शरीफ़ जिल्द 1, पेज 475)

🖋️हदीसः – रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमायाः “जो मर्द किसी औरत से उसकी इज़्ज़त के सबब निकाह करे, अल्लाह तआला उसकी ज़िल्लत में ज़्यादती करेगा और जो किसी औरत से उसके माल के सबब निकाह करेगा तो अल्लाह तआला उसकी मोहताजी बढ़ायेगा और जो उसके हसब के सबब निकाह करेगा तो उसके कमीनेपन में ज़्यादती फरमाये और जो इसलिए निकाह करे कि इधर उधर निगाह न उठे और पाक दामनी हासिल हो या सिला रहमी करे तो अल्लाह तआला उस मर्द के लिए उस औरत में बरकत देगा और औरत के लिए मर्द में।”
📗(सुन्नी बहिश्ती जेवर 228)

🖋️हदीस : – हज़रत मआज़ बिन जबल रदियल्लाहु अन्हु से मरवी है : “साहिबे निकाह की नमाज़ बिला निकाह वाले की नमाज़ से चालीस या सत्तर दरजा ज़्यादा अफज़ल है।”
📗 (नुज़हतुल मजालिस जिल्द 2 पेज 48)
📗 (कूव्वतुल कुलूब जिल्द 2, पेज 464)

🖋️हदीसः – रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमायाः “जो गुरबत के सबब निकाह न करे वह हम में से नहीं। नीज़ अल्लाह तआला फ़रिश्तों को हुक्म फ़रमाता है कि उसकी पैशानी पर लिख दो कि ऐ सुन्नते रसूल के छोड़ने वाले ! तुझे किल्लते रिज़क की बशारत हो।”
📗 (नुज़हतुल मजालिसजिल्द 2, पेज 48)

🖋️हदीस : – हज़रत जाबिर रदियल्लाह तआला अन्ह से मरवी है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमायाः
☞ “जब तुम में से कोई निकाह करता है तो शैतान कहता है हाय अफसोस इब्ने आदम ने मुझ से अपना दो तिहाई दीन बचा

Hadith Tirmidhi As-Sunan, Vol-05, Page-569 Hadith-3578

#वसिलाहमारेसरकार_काﷺ

हज़रत उस्मान बिन हुनैफ रदीअल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि__
एक नाबीना (अंधा) शख्स नबी ﷺ कि बारगाह मे हाज़िर हुआ और बोला आप मेरे लिए दुआ किजिए कि अल्लाह अज्जवजल मुझे शिफा अता फरमाये.

तो आप ﷺ ने फरमाया अगर तुम सब्र करो तो ये तुम्हारे लिए ज्यादा बेहतर होगा और अगर तुम चाहो तो मै तुम्हारे लिए दुआ करु.

तो उसने कहा ‘आप दुआ किजिए.’

आप अलैहीस्सलाम ने फरमाया__
जाओ, अच्छी तरह वूज़ु करो और फिर 2 रकात नमाज़ पढो और फिर इस तरह दुआ करो,”ऐ अल्लाह अज्जवजल मै तुझसे सवाल करता हु और तेरी तरफ रुख करता हु और मुहम्मद ﷺ नबी ए रहमत ﷺ के वसिले से तुझसे दुआ करता हुं,ऐ मुहम्मद ﷺ मैने अपनी हाज़त के लिए आप के वसिले से अल्लाह कि तरफ रुख किया,ऐ अल्लाह अज्जवजल ये वसिला कुबूल फरमा!

References :

[Tirmidhi As-Sunan, Vol-05, Page-569, Hadith-3578]

कट गया कुम्बा मुसीबत सर पे आई लूट गई। हो गई भाई भतीजो से जुदाई लूट गई।

कट गया कुम्बा मुसीबत सर पे आई लूट गई। हो गई भाई भतीजो से जुदाई लूट गई।

इमामे हुसैन अलैहिस्सलाम के शहीद होने के 2 रोज़ बाद यानी 12 वे चांद बीबी ज़ैनबे कुबरा टूटा हुवा खंजर लेकर खेमे के पास रखी हुई शहीदों की लाशकि निगरानी कर रहे थे रातका वक़्त था अंधेरे में कुछ दिख पाना मुमकिन न था इतने में कोई लाशो के करीब चलता हुवा आया सैयदा ज़ैनब ने डांटते हुवे कहा के खबरदार कोई भी हो करीब आया तो मैं अली की बेटी हु उसका कत्ल कर दूंगी ऐसे में एक ख़ातूनकी आवाज़ है के बीबी मैं हज़रते हूर की बीबी हु करीब आई और कहा मैं हज़रते हूरकी बीबी हु मैन उमर बिन सअद लानती से कहा के बीबियों को पानी देदे वरना सब प्यास के मारे मर जायेंगे आज 5 दिन हो गए है उन्होंने पानी नही पिया उसने आने दिया और आप सब के लिए मैं पानी लेकर आई हूं सैयदा ज़ैनब ने कहा अय हूरकी बीबी जब मेरा असगर प्यास के मारे तड़प रहा था तब क्यों पानी न लाई जब मेरी कासिम अली अकबर प्यासे शहीद हो गए तब पानी क्यों न लाई तू ये पानी वापस लेजा जब हूरकी बीबी ने सैयदा फातिमा ज़हरा सलामुल्लाह अलयहा का वसीला दिया तो मान गई और खुले आसमान के नीचे बैठी हुई बीबियोंके पास गई और सैयदा सकीना बिन्ते इमामे हुसैन बेहोश पड़ी हुई थी कुछ पानीके खतरे युनके मुह पर डाले आप होशमें आई और बीबी ज़ैनब ने कहा बेटा पानी पी लो इतना सुनते ही बीबी सकीना ने पूछा क्या मेरे चचा अब्बास आ गए..

😢 बीबीया रोने लगी सैयदा जैनब ने कहा नही ये पानी हूरकी बीवी लेकर आई है और मेरे नाना की सुन्नत है के जब कोई चीज़ खाई पी जाए तो जो सबसे छोटा हो उसे पहले देते है इतना सुनकर बीबी सकीना प्याली में पानी लेकर जहां सब लाश रखी हुई थी उस तरफ दौड़ी बीबी ज़ैनब ने पकड़ा और पूछा कहा जा रही हो वहां शहीदोंकी लाशें पड़ी हुई है बीबी सकीना कहने लगी फूफी जान आपने तो कहा के जो छोटा हो उसको पहले पानी दिया जाए तो अली असगर को पानी पिलाने जा रही हु

😢 बीबिया रोने लगी और बीबी ज़ैनबने बीबी सकीना से कहा बेटी अली असगर साहिबे हौज़ कौशर से कौशर पीकर सैराब हो चुका है अब उसको दुनिया के पानी की कोई ज़रूरत नही।