अली व फातिमा रसूलुल्लाह के महबूब है



अली व फातिमा रसूलुल्लाह के महबूब है



हदीस

रावीयान ए हदीस, ज़करिया बिन यहया, मुहम्मद बिन यहया बिन अबु उमर, सूफियान बिन उय्य’ नाह।

अब्दुल्लाह बिन अबी नजीह रिवायत करते हैं कि एक शख्स ने बयान किया कि मैंने कूफा में हज़रत अली करम’ अल्लाहु वज्हुल करीम को मिम्बर पर फरमाते हुए सुना कि, “रसूलुल्लाह सल्लललाहू अलैहे व आलिही व सल्लम ने हज़रत फातिमा सलामुल्लाह अलैहा की मुझसे मँगनी की और फिर मुझसे उनकी शादी कर दी। मैंने अर्ज़ किया, या रसूलुल्लाह मैं आपको ज्यादा महबूब हूँ या फातिमा?, तो आपने फरमाया, वो मुझे, तुझसे ज्यादा महबूब है और तू मुझे उस से ज्यादा अज़ीज़ है । “


आदम बनाम अहलेबैत

॥ आदम बनाम अहलेबैत ॥

भला वो शख़्स हुज़ूर की आल से #हसद क्यों न करे जो हुज़ूर का उम्मती होने पर इतराता फिरता हो?

क्या इब्लीस ने #आदम अलैहिस्सलाम के ख़लीफतुल्लाह होने पर हसद नहीं किया था? जब्कि इब्लीस अल्लाह का #मुक़र्रब होने पर इतराता फिरता था!!

तो कौन है तुम में जो #अल्लाह के आदम को सज्दा करने के हुक्म (मवद्दत ए अहलेबैत पर) सर ए इताअ़त ख़म कर दे?

और कौन इब्लीस (दुश्मन ए अहलेबैत) बनकर आदम (अहलेबैत) की #तौहीन करे इस गुमान में कि वो (आमाल के ऐतबार से) आदम (अहलेबैत) से अफज़ल है?

ऐ बनी आदम!
क्या अल्लाह ने हुक्म नहीं दिया है कि #शैतान की राह पर न चलना?
और क्या इब्लीस वो नहीं जिसपर अल्लाह का #गज़ब हुआ ?

और क्या आदम वो नहीं जिनपर अल्लाह का #इनाम हुआ?

तो क्या तुम अपनी #नमाज़ की हर रकात में अल्लाह से हमकलाम होकर नहीं कहते हो कि हमें उन लोगों की राह चला जिनपर तेरा #इनआम हुआ, उन लोगों की राह नहीं जिनपर तेरा गज़ब हुआ और न गुमराहों की राह पर?

ऐ #ईमान वालों आदम खता भी करें तो भी #ख़लीफा ए खुदा हैं, वो अपनी बंदगी से ख़लीफा नहीं बने ना अपनी मरज़ी से बल्कि अल्लाह ने उन्हें ऐसा बनाया और नवाज़ा।
और मलायका को उनके आगे सज्दे का हुक्म दिया हालांकि #मलायका नूरी थे और आदम खाकी मगर एक #निस्बत के अल्लाह ने उन्हें अपने हाथों से बनाया और उनमें अपनी #रूह फूंकी और वो अफज़ल और मुक़द्दस ठहरे।

तो तुम्हें क्या हुआ है कि #अहलेबैत से हसद करते हो बुग़्ज़ ओ अदावत रखते हो?
क्या कोई अपनी मर्जी से आले मुहम्मद बन सकता है?
क्या हुज़ूर अज़ खुद किसी को अपनी आल बना सकते हैं?
हरगिज़ नहीं!

यह #अम्र ए इलाही है, वो खुद अपने खास बंदों को आले मुहम्मद बनाता है उन्हें तैय्यब ओ #ताहिर बनाता है और जिन्हें सरवर ए कायनात ने पाक किया उन्हें हुक्म देता है इन आले मुहम्मद से #मवद्दत का।

कुछ समझे?

सारा किस्सा वही दोहराया जा रहा है!
अब जिसे मलायका के मिस्ल होना है खामोशी से अल्लाह के हुक्म पर आदम को #सज्दा करे बिना यह सोचे समझे कि वो क्या है और जिसे सज्दा कराया जा रहा है वो क्या है!

और जिसे #इब्लीस बनना है बनता फिरे अल्लाह बे नियाज़ है!

अगर किसी #मुल्ला मुहद्दिस के पास जवाब हो कि इब्लीस ने कौन से ज़रूरियात ए #दीन का इंकार किया जो #काफिर हुआ तो ले आये!
अल्लाह की नाफ़रमानी के सिवा कोई जवाब नहीं मिलेगा।

तो डरो ऐ आले मुहम्मद से हसद करने वाले पढ़े लिखे #जाहिल लोगों !
तुम में से कोई भी #मोमिन नहीं बचेगा जबतक मवद्दत ए #अहलेबैत के हुक्म पर सर ए #इताअ़त खम ना कर ले।

इल्ला माशा अल्लाह

اللھم صل وسلم و بارک علٰی سیدنا محمد و علٰی آل سیدنا محمد

– सैय्यद मुहम्मद अलवी अल-हुसैनी