Nafs v Shaitaan Ke 6 Bade Dhoke

✺ Nafs v Shaitaan Ke 6 Bade Dhoke ✺

1_ Bakhshish ki Ummeed per besharmi ke Saath Gunaaho ko Karna ye Bahut bada Dhoka hai ,

2_ Bager ita’at ke qurbe Khudawandi ki Tawaqqo rakhna ye Bahut bada Dhoka hai,

3_ Jahannam Wale A’amaal Kar Ke Jannat Ka intezar Karna ye Bahut bada Dhoka hai,

4_ Gunaaho ke zariye ita’at guzaaro Ka Maqaam haasil Karna ye Bahut bada Dhoka hai,

5_ Amal ke bager Achchha Mu’awza Milne Ka intezar Karna ye Bahut bada Dhoka hai,

6_ Allah aur Uske Rasool ﷺ ki Raah per na Chalna aur Nijaat ki Ummeed rakhna ye bhi Bahut bada Dhoka hai,

✺ नफ्स और शैतान के 6 बड़े धोखे ✺

1- बख्शीश की उम्मीद पर बेशर्मी के साथ गुनाहों को करना यह बहुत बड़ा धोखा है,
2- बगैर इता’अत के क़ुर्बे खुदा वंदी की तवक्को रखना यह बहुत बड़ा धोखा है,
3- जहन्नम वाले आमाल करके जन्नत का इंतजार करना यह बहुत बड़ा धोखा है ,
4- गुनाहों के जरिए इता’अत गुज़ारों का मुका़म हासिल करना यह बहुत बड़ा धोखा है ,
5- अमल के बगेर अच्छा मुआवजा़ मिलने का इंतजार करना यह बहुत बड़ा धोखा है,
6- अल्लाह ता’ला और उसके रसूल ﷺ की राह पर ना चलना और निजात की उम्मीद रखना यह बहुत बड़ा धोखा है ,

क़नाबिर

हज़रत अनस बिन मालिक रिवायत करते हैं कि
“हुज़ूर नबी ए अकरम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम ने फ़रमाया 👇

अल्लाह ने एक ऐसी नस्ल पैदा की है जो न आदम की नस्ल में से है और न इब्लीस की नस्ल में से है
ये (नस्ल) ” अली इब्ने अबी तालिब से बुग्ज़ (दुश्मनी) रखने वालों पर लानत करती है…लोगों ने अर्ज़ किया ऐ अल्लाह के रसूल ये कौनसी नस्ल है ? ….हुज़ूर ने फ़रमाया ये “क़नाबिर” है जो सुबह के वक़्त दरख्तों पर बैठ कर पुकारते हैं के सुनो “अल्लाह की लानत है उन लोगों पर जो अली इब्ने अबी तालिब से बुग्ज़ (दुश्मनी) रखते हैं”

Hadith Musnad Ahmed 576

Jisne Ahle Bait Se Muhabbat Ki Wo Jannat Me Huzoor ﷺ Ke Sath Hoga

Huzoor ﷺ Ne Sayyadain Hasnain (Imam Hasan aur Hussain Alaihimussalam Ka Haath Pakad Kar Irshad Farmaya Jis Shaks ne Mujhse Muhabbat Rakhi Jis Shaks Ne In Dono Se Muhabbat Rakhi Aur Jisne Inki Walida (Hazrat Fatima Salamullah Alaiha Aur Inke Walid (Maula Ali Alaihissalam Se Muhabbat Rakhi Wo Mere Saath Jannat Me Hoga.

Reference

📒(Musnad Ahmed Bin Hambal Vol-1 Page No-313 Hadees No-576)

सरकार की आमद_मरहबा..

अलिफ़ ने कहा- अल्लाह का रसूल आ रहा है.
बे ने कहा- बानी-ए-इस्लाम आ रहा है.
ते ने कहा- ताजदार-ए-मदीना आ रहा है.
से ने कहा- सरूत वाला आ रहा है.
जीम ने कहा- जलील-उल-क़द्र आ रहा है.
हे ने कहा- हबीब-ए-खुदा आ रहा है.
खे ने कहा- खातिम-उन-नबीइन आ रहा है.
दाल ने कहा- दोनों जहाँ का वाली आ रहा है.
ज़ाल ने कहा- ज़ालिक-उल-किताब कहने वाला आ रहा है.
रे ने कहा- रहमतल्लिल आलमीन आ रहा है.
ज़े ने कहा- ज़माने का इमाम आ रहा है.
सीन ने कहा- साक़ी-ए-कौसर आ रहा है.
शीन ने कहा- शाफ़-ए-महशर आ रहा है.
स्वाद ने कहा- सादिक़-ओ-अमीन आ रहा है.
ज़्वाद ने कहा- ज़ईफों का मावी आ रहा है.
तो ने कहा- ताहिर-ओ-मुतहर आ रहा है.
ज़ो ने कहा- ज़ुल्म मिटाने वाला आ रहा है.
ऐन ने कहा- एनुल हक़ आ रहा है.
गैन ने कहा- ग़रीबो का मसीहा आ रहा है.
फ़े ने कहा- फ़क़ीरों का मौला आ रहा है.
काफ़ ने कहा- कमली वाला मुहम्मद आ रहा है.
क़ाफ़ ने कहा- क़ल्ब का सुकून आ रहा है.
लाम ने कहा- लौलाक का मुख़ातिब आ रहा है.
मीम ने कहा- मुहम्मद रसूलल्लाह आ रहा है.
नू ने कहा- नबियों का सरदार आ रहा है.
वाव ने कहा- वज़ज़ुहा आ रहा है.
हे ने कहा- हादी-ए-बरहक़ आ रहा है.
इये ने कहा- यकतानुखी शान वाला आ रहा है.