Hadith Betiyon ki fazilat

*بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ*

*اَللّٰهُمَّ صَلِّ عَلٰى سَيِّدِنَا وَ مَوْلَانَا مُحَمَّدٍ وَّ عَلٰى اٰلَهٖ وَ اَصْحَابِهٖ وَ عَلىٰ سَيِّدِنَا وَ مُرْشِدِنَا وَ مَحْبُوْبِناَ حَضْرَتِ رَاجْشَاهِ السُّونْدَهَوِيِّ وَ بَارِكْ وَ سَلِّمْ۞*

🌹🌹🌹 *Hadees e Pak*🌹🌹🌹

Hazrat ‘Abd Allah Bin Abbas RadiyAllahu Ta’ala ‘Anhuma Se Marwi Hai Ki *Huzoor Nabiyye Akram SallAllahu Ta’ala ‘Alayhi Wa-Aalihi Wa-Sallam* Ne Farmaya : Tauhfon Kee Taqsim Me Apni Aulaad Me Baraabari Rakho Aur Agar Mein Kisi Ko Kisi Par Fazilat Deta To Aurto’n Ko (Ya’ni Betiyon Ko Beton Par) Fazilat Deta.

[Tabarani Fi Al-Mu’jam-ul-Kabir, 11/354, Raqm-11997,
Bayhaqi Fi As-Sunan-ul-Kubra,, 06/177, Raqm-11780,
Tahawi Fi Sharh Ma’ani Al-Athar, 04/86,
Haythami Fi Majma’-uz-Zawa’id Wa Manba’-ul-Fawa’id, 04/153,
Harith Al-Musnd (Zawa’id Al-Haythami), 01/512, Raqm-454,
Bukhari Fi As-Sahih, 02/913,
Al-Minhaj-us-Sawi Mina Al-Hadith-in-Nabawi ﷺ, Safha-795, Raqm-914.]

Hadith SAHIH_BUKHARI 660

रसूल अल्लाह ﷺ ने फ़रमाया कि सात तरह के आदमी होंगे। जिनको अल्लाह उस दिन (कयामत) अपने साया में जगह देगा। जिस दिन उसके साया के सिवा और कोई साया ना होगा।
1⃣पहला इन्साफ़ करने वाला हुक्मरान,
2⃣दूसरा वो नौजवान जो अपने रब की इबादत में जवानी की उमंग से मसरूफ़ रहा,
3⃣तीसरा ऐसा शख़्स जिसका दिल हर वक़्त मस्जिद में लगा रहता है,
4⃣चौथा दो ऐसे शख़्स जो अल्लाह के लिए बाहम मुहब्बत रखते हैं और उनके मिलने और जुदा होने की बुनियाद यही (अल्लाह के लिए) मुहब्बत है,
5⃣पांचवां वो शख़्स जिसे किसी बाइज़्ज़त और हसीन औरत ने (बुरे इरादा से) बुलाया लेकिन उसने कह दिया कि मैं अल्लाह से डरता हूँ,
6⃣छटा वो शख़्स जिसने सदक़ा किया, मगर इतने पोशीदा तौर पर कि बाएं हाथ को भी ख़बर नहीं हुई कि दाहिने हाथ ने क्या ख़र्च किया,
7⃣सातवाँ वो शख़्स जिसने तन्हाई में अल्लाह को याद किया और (बेसाख़ता) आँखों से आँसू जारी हो।

Nabi kareem ﷺ na farmaya: saat tarah ke aadmi honge jin ko Allah qayamat ke din apne saya mein jagah dega, jis din uske saya ke siwa aur koi saya naa hoga.
1⃣awwal insaaf karne wala hukmraan,
2⃣dosra woh naujawaan jo apne rab ki ibadat mein jawani ki umang se masroof raha,
3⃣teesra aisa shakhs jiska dil har waqt masjid mein laga rehta hai,
4⃣chouthe do aise shakhs jo Allah ke liye baahum mohabbat rakhte hain aur unke milne aur juda hone ki buniyaad yahi ( Allah ke liye ) mohabbat hai,
5⃣panchawan woh shakhs jise kisi ba izzat aur Haseen aurat ne ( buray iradeh se ) bulaya lekin usne keh diya ke main Allah se darta hon,
6⃣chhata woh shakhs jis ne sadqa kiya, magar itne posheeda tour par ke bayen haath ko bhi khabar nahi hui ke dahine haath ne kya kharch kiya.
7⃣satwaan woh shakhs jis ne tanhai mein Allah ko yaad kiya aur ( be sakhta ) aankhon se ansoo jari ho gaye.

#SAHIH_BUKHARI 660

Quotes of Maula Ali Alahissalam

🌹#हजरत_अली رضي الله تعالیٰ عنه ने फरमाया 5 चिजॊ की 5 जगह हिफाज़त करो

1 महफ़िल में ज़ुबान की 2 बाज़ार में आंख की
3 नमाज़ में दिल की 4 दस्तरखान पर पेट की
5 नजर। में हाया की

🌹हजरत अली رضي الله تعالیٰ عنه ने फरमाया
3 चीज़े इंसान को अल्लाह से दूर करती है

1 अपने अमल को जादा समझना 2 अपने गुनाहों कि भूल जाना 3 अपने आपको सबसे बेहतर सामजना

🌹हजरत अली رضي الله تعالیٰ عنه ने फरमाया 6 चीज़े अमल को ज़ाया करती है

1 लोगो की बुराई तलाश करना 2 दिल की सख्ती
3 दुनिया की मोहब्बत 4 हया की कमी 5 बड़ी उम्मीद 6 ज़ुल्म

🌹हजरत अली رضي الله تعالیٰ عنه खुशी इंसान को इतना नहीं दिखती जितना गम सिखाता है
इसलिए नेक बनने की कोशिश ऐसे करो जैसे हसीन बनने की कोशिश करते हो

और सिर्फ कोशिश मत करना बल्कि ये काम जरूर करना क्यू की कोशिश अक्सर नाकाम हो जाया करती है इसलिए कोशिश नहीं बल्कि काम करने की नीयत से आगे बढ़ो

🌹हजरत अली رضي الله تعالیٰ عنه ने फरमाया

जिस शक्श की सुभा ऐसी हालत में हो की उसकी तमाम कोशिश आखिरत के वास्ते हो तो वो बगैर माल के तवांगर है (अमीर) और चाहने वालो के बिना मोहब्बत के लायक है और बगैर खानदान के इज्जत के लायक है

🌹हजरत अली رضي الله تعالیٰ عنه ने फरमाया मुझे उस इंसान से ताज्जुब है जो अपनी आखिरत से इंकार करता है जबकि वो अपनी दुनिया को समझने में लगा रहता है

और अपनी रूहानी ज़िन्दगी यानी अखिरत को छोड़ के अपनी जिस्मानी यानी नफसी ज़िन्दगी को आबाद करता है

हज़रत सिद्दीक अकबर रदियल्लाहु अन्हु का ख़्वाब

☆हज़रत सिद्दीक अकबर रदियल्लाहु अन्हु का ख़्वाब…


हज़रत सिद्दीक अकबर रदियल्लाहु अन्हु क़ब्ल अज़ इस्लाम एक बहुत बड़े ताजिर थे। आप तिजारत के सिलसिले में मुल्के शाम में तशरीफ़ फरमा थे की एक रात ख्वाब में देखा कि चांद और सूरज आसमान से उतरकर उनकी गोद में आ पड़े हैं। हज़रत सिद्दीक अकबर रदियल्लाहु अन्हु ने अपने हाथ से चांद और सूरज को पकड़ कर अपने सीने से लगाया और उन्हें अपनी चादर के अंदर कर लिया। सुबह उठे तो एक ईसाई राहिब के पास पहुंचे और उससे इस ख्वाब की ताबीर पूछी। राहिब ने पूछा कि आप कौन हैं ? आपने फरमाया: मैं अबू-बक्र हूं। मक्का का रहने वाला हूं। राहिब ने पूछा: कौन से क़बीले ले से हैं ? आप ने फरमाया: बनू हाशिम से और जरिया एक मआश क्या है? फरमाया: तिजारत। राहिब ने कहा-तो फिर गौर से सुन लो ! नबी आख़िरुज़्ज़मा है है हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तशरीफ ले आए हैं। वह भी इसी कबीला बनी हाशिम से हैं और वह आखिरी नबी हैं। अगर वह ना होते तो खुदाए ताला ज़मीन व आसमान को पैदा ना फरमाता और किसी नबी को भी पैदा ना फरमाता। वह अव्वलीन व आख़रीन के सरदार है। ऐ अबू बक्र! अब तुम उसके दीन में शामिल होगे और उसके वज़ीर और उसके बाद उसके खलीफा बनोगे। यह है तुम्हारे ख्वाब की ताबीर। सुन लो! मैंने इस नबी पाक की तारीफ व नअत तौरेत व इंजील में पढ़ी है। मैं इस पर ईमान ला चुका हूं और मुसलमान हूं। लेकिन ईसाइयों के खौफ से अपने ईमान का इजहार नहीं किया। हज़रत सिद्दीक़ अकबर रदियल्लाहु अन्हु ने जब अपने ख़्वाब की ताबीर सुनी तो इश्क़े रसूल का जज़्बा पैदा हुआ और आप फ़ौरन मक्का मोअज़्ज़मा वापस आए। हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की तलाश करके बारगाहे रिसालत में हाज़िर हुए और दीदार ए पुरअनवर से अपनी आंखों को ठंडा किया। हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमाया अबू बक्र! तुम आ गए, लो अब जल्दी करो और दीने हक़ में दाखिल हो जाओ सिद्दीक़े अकबर ने अर्ज किया: बहुत अच्छा। हुज़ूर! अगर कोई मौजिज़ा तो दिखाइए। हुज़ूर ने फरमाया: वह ख्वाब जो शाम में देख कर आए हो और उसकी ताबीर जो उस राहिब से सुन कर आए हो मेरा ही तो मौजिज़ा है। सिद्दीक़ अकबर ने यह सुनकर अर्ज किया: सच फ़रमाया ऐ अल्लाह के रसूल आपने। मैं गवाही देता हूं कि आप वाक़ई अल्लाह के सच्चे रसूल हैं।

Hadith किन औरतों से निकाह करना बेहतर है ?

*💎हदीस : – रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमायाः ” मुहब्बत करने वाली , ज़्यादा बच्चे पैदा करने वाली औरतों से शादी करो क्योंकि मैं तुम्हारी वजह से उम्मतों पर फ़खर करूंगा ।**_📚मिश्कात शरीफ़ जिल्द 2 , पेज 267_**💎हदीस : – रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमायाः ” और न उनसे निकाह करो उनके माल की वजह से कि अनकरीब उनके माल उनको सरकश बना देंगे लेकिन उनसे दीनदारी की वजह से निकाह करो और ज़रूर काली कलूटी , नाक कटी अफ़ज़ल होती है दूसरी खूबसूरत गैर दीनदार औरतों से ।**_📚इब्ने माजा पेज 133 )_**💎हदीस : – रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमायाः ” औरतों से महज़ उनके हुस्न की वजह से शादी न करो इसलिए कि जल्द ही उनका हुस्न उनको बर्बाद कर देगा ।**_📚इब्ने माजा पेज 133_**💎हदीस : – रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमायाः ” मोमिन के लिए तकवे के बाद नेक बीवी से बढ़कर कोई चीज़ नहीं कि शौहर उससे जो कहे वह उसकी फरमाबरदारी करे । जब शौहर उसकी तरफ़ देखे तो वह उसको खुश कर दे और अगर शौहर किसी बात पर कसम खाये तो वह उसको पूरी करे और अगर शौहर गायब हो तो उसकी गैर मौजूदगी में अपनी ज़ात और शौहर के माल में खैर ख़्वाही करे ।**_📚इब्ने माजा पेज 133_*