Qalam हज़रत बेदम शाह वारसीر

नूर-ए-नज़र-ए-अहमद-ए-मुख़्तारص की चादर
बख़्त-ए-जिगर-ए-हैदर-ए-करारع की चादर

हैं वज्द में हल्क़ः किए अक़्ताब-ए-ज़मानः
और सर पे है सर हल्क़ः-ए-अबरार की चादर

रिदा-ए-फ़ातिमा-ज़हराس ये तश्त-ए-नूर में है
कि है हुसैन अलैहिस-सलाम की चादर

मेरी बला को हो ख़ुर्शीद-ए-हश्र का खटका
कि मेरे सर पे है मेरे इमाम की चादर

दर-ए-हुज़ूर पे हाज़िर है आप का ‘बेदम’
क़ुबूल कीजै मौला ग़ुलाम की चादर

-हज़रत बेदम शाह वारसीر

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