No Hadith in favour of Muaviya

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इब्ने माज़ा हदीस न.121 में मुआविया ने ज़िक्र ए अली सुन कर ऐसे नामुनासिब कलेमात कहे जिससे सामने वाले साहबी को सुनकर गुस्सा आ गया और उन्हीने फ़ज़ीलत ए अली ए मुर्तज़ा बयान की
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सही मुस्लिम हदीस न.6220 में मुआविया ने अमर बिन साद बिन अबि वक़्क़स से सवाल किया अली ए मुर्तज़ा को गाली क्यों नही देते..??
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सुनन तिर्मिज़ी में हदीस 3724 में भी यही रिवायत दर्ज है कि मुआविया ने तुम क्यों गाली नही देते हज़रत अली ए मुर्तज़ा को
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मुआविया ने हज़रत उमर से ज़्यादा खुद खिलाफत का अहल बताया और भरे मजमे में हज़रत अब्दुल्लाह बिन उमर को रुसवा किया और वो मौत के ख़ौफ से खामोश रहे…!
सही बुखारी हदीस 4108
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मुआविया के गवर्नर बर सारे मिम्बर ए रसूल पे बैठ कर साहबी के रसूल अली ए मूर्तज़ा को गालियाँ देते थे.!
सही बुखरी हदीस #3703
सही मुस्लिम हदीस #6229
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सही मुस्लिम हदीस #4061
साहबी रसूल एबाद बिन समेद राज़ीअल्लाह अन्हा की बताई हुई हदीस पर मुआविया ने इंकार किया और झठी हदीस होने का दावा किया जिस पर हज़रत एबाद रज़ियल्लाहु अन्हा ने कहा :- मुआविया की नाक ख़ाक आलूद हो मैं इसके लश्कर में एक रात भी नही रहना चाहता
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मुआविया बिन अबु सुफियान जान बूझ कर रासुल्लाह की हराम की हुई चीज़ों को बिना परवाह किये इस्तेमाल करता था और शहादत के इमाम हसन पर गुस्ताखाना रवैया दिखाया
सही मुस्लिम हदीस #4776
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सुनन अबु दाऊद हदीस न. #4131
इस हदीस में सहाबा ए रासुल्लाह का साफ़ दावा है कि मुआविया उनको हराम माल खाने का हुक्म और नाहक़ क़त्ल करने कि ताक़ीद करता था.!
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जैसा कि उसने अज़ीम साहबी ए रसूल अम्मार ए यासिर को सिफ़्फ़ीन में क़त्ल करवाया , जिनके लिए नबी ए पाक ने इर्शाद फ़रमाया था कि अम्मार को एक बाघी जमात क़त्ल करेगी जो जहन्नम की तरफ बुलाने वाली होगी
सही बुखारी हदीस न.2812
सही मुस्लिम हदीस न.7320
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आखिरी हादिस जिस्से ये वाज़ेह हो जाएगा कि , जो अक़ीदा इन मौलवी हज़रात ने ऊम्मत को सिखाया है कि सहाबा की जमात बक्शी हुई हैं, उनकी मग़फ़िरत हो चुकी है इस हदीस से उनके इस झूठ से भी पर्दा उठ जाएगा कि,
अल्लाह के नबी की साफ अल्फाज़ो में हदीस वारिद हुई है सही बुखरी, जिल्द न.8 में , बाब ए फ़ज़ाईल ए कौसर में हदीस न.6585 जिस में साफ लिखा हैं सहाबा की जमात में से कुछ जन्नत में जायेगे और कुछ जहन्नम में जाएगे
सही बुख़ारी हदीस #6585

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