
कर्बला के 36वें शहीद हज़रते उमय्या इब्ने सअद अल-ताई
आप हजरात अमीरूल मोमिनीन के अरहावे खास में थे। आप को तावई होने का भी शरफ हासिल था। आप ने कूफ़े में सुकूनत इख़्तेयार कर रखी थी। जब आप को इल्म हुआ कि इमाम हुसेन अलै० करबला पहुँच गये हैं तो आपने कमाले उजलत के साथ अपने आपको करबला पहुँचाना ज़रूरी समझा चुनान्चे आप नवीं मोहर्रम से वारिदे करबला हो गये और यौमे आशूरा कमाले जज़्बऐ कुर्बानी के पेशे नज़र इमाम हुसैन अ० और इस्लाम पर कुर्बान हो गये।
📝72 तारे अल्लामा नजमुल हसन करारवी सा0 मरहूम

