अम्मार बिन यासिर से रिवायत है, उन्होंने कहा कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया: ‘जिसने मुझ पर ईमान लाया और मेरी तसदीक की, उसे अली बिन अबी तालिब की विलायत की वसीयत की गई है।
📚 मजमा’ अल-ज़वाइद व मनबा’ अल-फ़वाइद सफाह 109
हाफ़िज़ नूरुद्दीन अली बिन अबी बक्र अल-हैसमी ( 807 हिजरी)


