
यौम ए शहादत सैयेदीना उवैस अल करनी (रजीह अल्लाह तआला अनहो)
नाम: हजरत उवैस बिन बशीर (रजीअल्लाह तआला अनहो) अल मारुफ उवैस करनी
कुन्नियत: अबु अम्र
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याहिया बिन माइन फरमाते है: हजरत ओवैस करनी (राजी अल्लाह अन्हो) अमीरूल मोमिनीन हजरत अली बिन अबू तालिब (राजी अल्लाह अन्हो) की मअईत मै जंगे सिफिन मै शहिद हुवे
अल मुस्तद्रक हाकिम हदीस नं: 5716
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अब्दुल रहमान बिन अबि लैली फरमाते है: जंगे सिफिन के दिन मुआविया के किसी साथी ने हजरत अली (राजी अल्लाह अन्हो) के साथियों को पुकार कर पूछा : क्या तुम्हारे अंदर ओवैस करनी (राजी अल्लाह अन्हो) को मौजूद है? लोगोने जवाब दिया: जी हां۔ फिर उस शख्स ने अपना घोड़ा दौड़ाया और ये कहता हुवा हजरत अली (राजी अल्लाह अन्हो) के लश्कर मै शामिल हो गया के ” ओवैस करनी (राजी अल्लाह अन्हो) तबाइन मे सबसे अफजल है
अल मुस्तद्रक हाकिम हदीस नं: 5717
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हज़रत उवैस करनी (रजीअल्लाह तआला अनहो) को खैर-उल-तबीईन कहा जाता है
ये लकब उन्हें खुद हजरत मोहम्मद मुस्तफा (सलअल्लाहो अलयहे वआलेेही वसल्लम) ने अता फरमाया था
और हजरत उवैस करनी (रजीह अल्लाह तआला अनहो) की गिनती सफे अव्वल की ताबीईन में होती है|
Note:= आपकी सहादत 37 हिजरी जंगे सिफीन में हूवी आप जंगे सिफीन में हजरत अली (अलयहीस सलाम) के लसकर में सामिल थे
जंगे सिफीन में आप को मुआविया बिन अबु सूफियान के गिरोह ने सीने पर तीर मार कर आपको शहिद कर दिया था|

