
कर्बला के 59वें शहीद हज़रते जाबिर इब्ने अरवः अल-गफ़्फ़ारी
आप सहाबी-ए-रसूल थे। आपने सरवरे कायनात की मौजूदगी में जंगे बद्र-ओ-हुनैन वगैरह में शिरकत की थी आप निहायत कबीर-उल-सिन और ज़ईफ थे। करबला में यौमे आशूरा जब नबर्दआज़माई के लिये निकले तो आपने अम्मामे से कमर और एक कपड़े से अपनी पलकों को उठा कर बाँध लिया था। इज़्ने जिहाद के बाद ज़बरदस्त जंग की और साठ आदमियों को कत्ल कर खुद शहीद हो गये।

