
कर्बला के 58वें शहीद हज़रते अनीस इब्ने मअकल असहबी
आप आले रसूल के जाँनिसारों और ख़ास दोस्तदारों में थे। यौमे आशूरा आप ने इज़्ने जिहाद हासिल किया और मैदान में आकर निहायत दिलेरी और बहादुरी से लड़े और आप ने दस दुश्मनों को कत्ल करने के बाद शहादत पाई।

कर्बला के 58वें शहीद हज़रते अनीस इब्ने मअकल असहबी
आप आले रसूल के जाँनिसारों और ख़ास दोस्तदारों में थे। यौमे आशूरा आप ने इज़्ने जिहाद हासिल किया और मैदान में आकर निहायत दिलेरी और बहादुरी से लड़े और आप ने दस दुश्मनों को कत्ल करने के बाद शहादत पाई।
