
कर्बला के 53वें शहीद हज़रते उमर इब्ने मताअ-अल-जअफी
आप ज़बरदस्त मोहिब्बे अहलेबैत थे। करबला रोज़े आशूरा इमामे हुसैन अलै० की ख़िदमत में हाजिर होकर अर्ज़ की ‘मौला ! मरने की इजाज़त दीजिये। इमान मज़लूम ने इज़्ने जंग अता फरमाया आप मैदान तशरीफ ले गये और अज़ीम नबर्दअज़माई के बाद शहीद हुये।

