अली अलैहिस्सलाम की मोहब्बत अल्लाह की मोहब्बत है।

🌹अली अलैहिस्सलाम की मोहब्बत अल्लाह की मोहब्बत और अली अलैहिस्सलाम की तकलीफ़ रसूल सल्ल० की तकलीफ़ है.. 🌹

✍️ शेख नासिरुद्दीन अलबानी ने सिलसिला अहादीस ए सहीहा में सही हदीसों को जमा करते हुए मौला अली अलैहिस्सलाम के फजाएल में रिवायत नकल किया है कि-
❤️ قال ﷺ : من آذى عليا فقد آزایی.
(الصحيحة)
यानि ‘रसूल-अल्लाह सल्ल० ने फ़रमाया कि जिसने अली को तकलीफ़ दी [समझो कि] उसने मुझे तकलीफ़ दी।’
– (3/551, रकम नं 3577)

❤️ عن أم سلمة ، قالت : أشهد أني سمعت رسول اللہ ﷺ یقول : من أحب عليا فقد اخيني ، ومن احيي فقد أخب الله عزوجل ، ومن ابغض عليا فقد ابغضني ، ومن ابغضني فقد ابغض الله عزوجل.
यानि “हज़रत उम्मे सलमा रजिअल्लाह अन्हा कहती हैं- मैं गवाही देती हूं कि मैंने रसूल-अल्लाह सल्ल० को यह फरमाते सुना कि जिसने अली से मुहब्बत की [गोया] उसने मुझसे मुहब्बत की और जिसने मुझसे मुहब्बत की उसने अल्लाह से मुहब्बत की और जिसने अली से बुग्ज रखा [गोया] उसने मुझसे बुग्ज रखा और जिसने मुझसे बुग्ज रखा उसने अल्लाह से बुग्ज रखा।”
– (3/551-552, रकम नं 3579)