हज़रते अली शेरे ख़ुदा से मरवी है

कि मक्का शरीफ़ में हुजूर के हमराह था तो हम अतराफ़ शहर की तरफ निकले तो मैंने देखा कि जो दरख़्त और पहाड़ हुजूर के सामने से गुज़रता वोह कहता “अस्सलातो वस्सलामु अलैका या रसूलुल्लाह ” (अये अल्लाह के रसूल आप पर सलाम हो)…

[ तिर्मिज़ी शरीफ़ जिल्द 02, सफ़ा न.203]

Hadith Bukhari 858

जुमा के दिन गुस्ल करना वाजिब है अल्लाह के रसूल ने फ़रमाया जुमा के दिन हर बालिग के लिए गुस्ल करना ज़रूरी है

(सही बुखारी #858)

Hadith सय्यदना अली से बुग्ज़ रखने वालों पर हराम है ज़मीन पर चलना

सय्यदना अली से बुग्ज़ रखने वालों पर हराम है ज़मीन पर चलना

अब्दुल्लाह इब्ने अब्बास रदिअल्लाहो अन्हो रिवायत करते हैं

हुजूर नबी ए करीम सल्लल्लाहो अलैहे वा आलेही वा सल्लम ने इरशाद फ़रमाया ऐ अली अल्लाह ने तुम्हारा निकाह फ़ातिमा से किया है इस निकाह का महेर ज़मीन को क़रार दिया है चुनांचे जो तुमसे बुग्ज़ रखते हुए ज़मीन पर चले तो उसका इस (ज़मीन) पर चलना हराम है

हवाला कुतुब ए अहलेसुन्नत मुसनद उल फ़िरदोस 5/319