
Hadith Riyaaz us Saliheen 71



✒ जन्नत और जहन्नुम किन चीज़ों से घिरी हुई है…?
🖊 रसूले करीम हज़रत मुहम्मद ﷺ ने ईरशाद फरमाया की :- जहन्नुम ख्वाहिश(तमन्नाओ) से घिरी हुई है और जन्नत तक़लीफ़ देने वाली बातों से घिरी हुई है…
✍🏻 लिहाज़ा मुसलमानो अगर कुछ तक़लीफ़ पेश आये तो सब्र किया करें और सब अल्लाह की रज़ा पर छोड़ा करे…और नफ़्स,ख्वाहिशों से बचे की ये जहन्नुम को घेरे जो बढ़ी ख़तरनाक़ बला है…
🖋📚 :-
【सहीह बुखारी जिल्द- 2, हदीस-6497】
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🌴हज़रते इब्ने उमर रजियल्लाहु तआ़ला अन्हुमा ने कहा कि * हज़रते रसूल ए करीम अलैहिस्सलातो वस्ससलाम* ने फरमाया कि जिस शख्स को मस्जिद मे जुमआ के दिन ऊंध आये तो उसको चाहिए कि अपनी जगह बदल दे।
(📚तिरमिजी,
अनवारुल हदीस107)
🌴हज़रते अनस रजियल्लाहु तआ़ला अन्हु ने फरमाया कि हुजूर सल्लल्लाहु तआ़ला अलैहि वसल्लम सख्त जाड़े के जमाने में जुमआ की नमाज सवेरे पड़ते और सख्त गर्मी के दिनों में देर से पढ़ते।(बुखारी शरी़फ)
(📚इब्ने माज़ा,
अनवारुल हदीस पेज न.107 )

بسم الله الرحمن الرحيم
الصــلوة والسلام عليك يارسول الله ﷺ
हज़रते हसन बिन अली رضي الله تعالي عنه का फरमाने इबरत निशान है :
हम से बुग्ज़ मत रखना की रसूले पाक ﷺ ने इरशाद फ़रमाया : जो शख्स हमसे बुग्ज़ या हसद करेगा उसे क़यामत के दिन हौज़े कौषर से आग के चाबुको के ज़रिए दूर किया जाएगा।
✍अल मजम अल वुसत 2/33
अहले बैत का दुश्मन दोज़खी है
एक तवील हदिशे पाक में ये भी है की अगर कोई शख्स बैतुल्लाह शरीफ के एक कोने और मक़ामे इब्राहिम के दरमियान जाए और नमाज़ पढ़े और रोज़े रखे और फिर वो अहले बैत की दुश्मनी पर मर जाए तो वो जहन्नम में जाएगा।
✍अलमुस्तदरक, किताब मारेफ़त अलसाहबह 4/129
✍बुग्ज़ व किना 24