7 दुआएं फ़र्ज़ नमाज़ के बाद ज़रूर पढ़ें
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जो बंदा जितना ज़्यादा अल्लाह का ज़िक्र करता है उतना ही वो अल्लाह के करीब होता जाता है, उसके दिल का ज़ंग दूर हो जाता है, गुनाहों को छोड़ कर नेकियों की तरफ़ दिल माइल हो जाता है, और ज़िक्र करने वाला जन्नत की तरफ अपनी राहें आसान करता जाता है, और जहन्नम के दरवाज़े उस पर बंद हो जाते हैं, और सब से बड़ी बात शैतान के जाल से अल्लाह तआला उसकी हिफ़ाज़त फरमाता हैं |
इसी लिए अल्लाह का ज़िक्र अपनी ज़िन्दगी का रूटीन बनायें, अपनी जुबां को अल्लाह के ज़िक्र से तर रखें, अल्लाह की तमाम नेअमतों का शुक्र करते हुए बिलकुल न थकें, यहाँ पर हमने उन दुआओं और अज़कार को जमा किया है जो फ़र्ज़ नमाज़ के बाद पढ़े जाते हैं, आप हर नमाज़ के बाद दो से तीन मिनट लगा कर ये दुआए पढ़ सकते हैं, लेकिन यही मिनट आप को उस वक़्त काम आएंगे जब नफ्सी नफ्सी का आलम होगा और आपका साथ देने वाला कोई न होगा इसलिए इनको ज़रूर पढ़ें |Namaz Ke Baad
7 Duayen In Hindi
- अस्तग्फिरुल लाह अस्तग्फिरुल लाह अस्तग्फिरुल लाह
- अल्लाहुम्मा अंतस सलामु व मिन्कस सलाम तबाराकता याज़ल जलाली वल इकराम
- अल्लाहुम्मा अ इन्नी अला ज़िकरिका व शुकरिका व हुस्नी इबादतिक
- आयतुल कुर्सी
Ayatul kursi
फ़ज़ीलत : मरते ही जन्नत में दाखिला नसीब होगा इंशाअल्लाह और दूसरी नमाज़ तक आप अल्लाह कीफाज़त में रहेंगे - दस बार सूरह इख्लास
Surah iKhlas ( qul huwal lahu ahad )
फ़ज़ीलत : जिस दरवाज़े से चाहे जन्नत में दाख़िल हो जाइये - सुब हानल लाह ( 33 ) अल्हम्दुलिल लाह ( 33 ) अल्लाहुअकबर ( 33 )
Subhaanal Lah,
ला इलाहा इल्लल लाहु वह्दहू ला शरीक लहू लहुल मुल्कु व लहुल हम्दु व हुवा अला कुल्लि शय इन क़दीर
फ़ज़ीलत : जो शख्स नमाज़ के बाद ये ज़िक्र करे, उसके गुनाह समंदर के झाग के बराबर हों तो भी माफ़ हो जाते हैं - अल्लाहुम्मग फिरली ज़म्बी व वससिअ ली फ़ी दारी वबारिक ली फ़ी रिज्की
Allahummagfirli zambi wa wassia li fi dari wabarik li fi rizqi
नोट : ये दुआ वजू के दौरान भी पढ़ना चाहिए
ये तमाम ज़िक्र किताब “मोमिन का हथियार” से लिए गए हैं और हदीस से साबित हैं

