▪️रसूलल्लाहﷺफरमाते हैं कि मैंने तुमको ज़ियारते क़ुबूर से मना किया था अब मैं तुमको इजाज़त देता हूं कि तुम क़ब्रों की ज़ियारत करो कि वो दुनिया से बे रग़बती और आख़िरत की याद दिलाती है
📕 मिश्कात शरीफ,सफह 154
▪️रसूलल्लाहﷺफरमाते हैं कि जो अपने वालिदैन में से किसी की ज़ियारत जुमा को करेगा तो उसकी मग़फ़िरत हो जायेगी और वो फर्माबरदार लिखा जाएगा
▪️जब क़ब्रिस्तान में जाये तो ये दुआ पढ़ें ”अस्सलामो अलैकुम या अहलल क़ुबूर यग़फिरुल्लाहो लना वलाकुम वअन्तुम सलाफोना वनाहनो बिल अस्रे🔽

