💫 *यौमे विसाल हज़रते अमीरे हम्ज़ा रज़ीअल्लाहु तआला अन्हु* 💫

*हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के चाचाओं में हज़रते हम्ज़ा रज़ीअल्लाहु तआला अन्हु को आप सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बड़ी वालिहाना मोहब्बत थी। हज़रते हम्ज़ा रज़ीअल्लाहु तआला अन्हु बहुत ही ताक़त वर और बहादुर थे और शिकार के बहुत शौकीन थे। एक दिन हस्बे मामूल शिकार से वापस लौटे तो इनकी बहन हज़रते बीबी सफ़िय्या रज़ीअल्लाहु तआला अन्हा ने इन को बताया कि आज अबू जहल ने किस किस तरह तुम्हारे भतीजे हज़रत मुहम्मद मुस्तफा सल्लललाहो अलैहे वसल्लम के साथ बे अदबी और गुस्ताखी की है। येह माजरा सुनकर मारे गुस्से के हज़रते अमीरे हम्ज़ा रज़ीअल्लाहु तआला अन्हु का खुन खौलने लगा। एक दम तीर कमान लीए हुए मस्जीदे हरम में पहुंच गए और अपनी कमान से अबू जहल के सर पर इस ज़ोर से मारा उस का सर फट गया, और की तू मेरे भतीजे को गालीयां देता है?। तुझे ख़बर नहीं की मैं भी उसी दीन पर हूं। यू हज़रते अमीरे हम्ज़ा रज़ीअल्लाहु तआला अन्हु ने हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की मोहब्बत में इस्लाम लाया और आप नबी ए आज़म नबी ए रहमत हुज़ूरे अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बे पनाह मोहब्बत किया करते थे।*
*हज़रते हम्जा रज़ीअल्लाहु तआला अन्हु की शाहादत*
*वह़शी जो एक हबशी गुलाम था और उस का आक़ा जबीर बिन मुतअम उस से वादा कर चुका था कि तू अगर हज़रते हम्जा रज़ीअल्लाहु तआला अन्हु को कत्ल कर दे तो मैं तुझ को आज़ाद कर दूंगा। वहशी एक चट्टान के पिछे छुपा हुआ था और हज़रते हम्जा रज़ीअल्लाहु तआला अन्हु की ताक में था जूं ही आप उस के क़रीब पहुंचे उसने दुर से अपना नेज़ा फेंक कर मारा जो आप की नाफ़ में लगा। और पुशत के पार हो गया। इस हाल में भी हज़रते हम्जा रज़ीअल्लाहु तआला अन्हु तलवार लेकर उस की तरफ़ बढ़े मगर जख़्म की ताब ना लाकर गिर पड़े और शाहादत से सरफ़राज़ हो गए।*
📙 सीरते मुस्तफा

