Farman e Mawla Ali Alahissalam 9

*Imam Ali ibn Abi Talib (عليه السلام)*

farzand e adam (a.s) jab gunaho’n ke bawajood parwardigar ki naimat musalsal tujhe milti rahain to hoshiyaar ho jana…..

*امام علی ابن ابی طالب (عليه السلام)*

*فرزند آدم (علیہ السلام) جب گناہوں کے باوجود پروردگار کی نعمتیں مسلسل تجھے ملتی رہے تو ہوشیار ہو جانا…..*

(Gorar ul Hikam p139)
(Nehjul-blagha 25 p635)

कौन अबु तालिब ?????

लगाओ मुझ पर भी कुफ़्रो शिर्क का फ़तवा
मैं आल हूँ उसकी मेरा जद है अबु तालिब
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कौन अबु तालिब ?????

वो अबु तालिब जिन्होंने हुज़ूर की मोहब्बत का हक़ अदा कर दिया
वो अबु तालिब जिन्होंने मेरे आक़ा से अपनी सगी औलाद से बढ़ कर मोहब्बत की

वो अबु तालिब जिन्होंने अपने जिगर गोशों के निवाले भी मेरे मुस्तफ़ा करीम पर क़ुर्बान कर दिए
वो अबु तालिब जो मेरे आक़ा की ढाल बने रहे

वो अबु तालिब जो मेरे मुस्तफ़ा की शान में नात ए पाक कहते रहे
वो अबु तालिब जिनके जीते जी मेरे आक़ा को मक्का छोड़ कर नही जाना पड़ा

वो अबु तालिब जिनके घर से इस्लाम की तबलीग़ हुई
वो अबु तालिब जिनके घर में कालिमा ए हक़ बुलन्द हुआ

वो अबु तालिब जिनकी रक़म इस्लाम की पहली दावत पर खर्च हुई
वो अबु तालिब जिनके घर पर जिनकी रक़म से दावत ए ज़ुलअशीरा दी गयी

वो अबु तालिब जिन्होंने सरकार ए दो आलम से फ़रमाया बेटा परीशान मत होना आप तन्हा नही आपका ये चचा आपके साथ है
वो अबु तालिब जो रात भर हुज़ूर की जगह अपने बच्चों को लिटाते ताकि मुशरीकीने मक्का को ये ख़बर न हो सके की मेरे मुस्तफ़ा आराम कहा फ़रमा रहे हैं

अल्लाहुम्मा सल्ले अला सय्यदना मुहम्मद व अला आलेही व अज़्वाजेहि व अहलेबैतही व असहाबेहि व बारिक व सल्लिम

अल्लाह का करोड़ो सलाम हो जनाब ए मोहसिन ए इस्लाम सय्यदना ख़्वाजा अबु तालिब इब्ने सय्यदना अब्दुल मुत्तलिब अलैहिस्सलाम पर और हुज़ूर के तमाम अजदाद ए तय्याबीन पर

अहलेबैत की एक दिन की मोहब्बत

हज़रत अब्दुल्लाह इब्ने मसऊद रदिअल्लाहो अन्हो फ़रमाते हैं

अहलेबैत की एक दिन की मोहब्बत एक साल की इबादत से बेहतर है

हवाला 📚📚 बरकते आले रसूल
मुसन्निफ़ – यूसुफ़ बिन इस्माईल नबहानि रहमतुल्लाह अलैह

ताजुसशरिया कौन????

‼‼‼‼ताजुसशरिया कौन????‼

ताजुसशरिया का माना है शरीयत का ताज

इस्लाम के क़वानीन को शरीयत कहा जाता है। वो अल्लाह और उसके महबूब रसूल आखिरउज़्ज़मा सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने मोमिनीन के लिए नाफ़िज़ किये है।
ताज का माना तो बखूबी सभी को मालूम है।
ताज हुकूमत व इकतिदार की निशानी है।

जो साहिबे शरीयत है वही शरीयत का ताज है। जो की हमारे प्यारे रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम है।

1400 साल की तारीख ए इस्लाम में किसी को भी शरीयत का ताजवर नहीं कहा गया। बड़े बड़े इमाम मुहद्दिस मुफ़स्सिर, ग़ौस क़ुतुब अब्दाल हुए। विलायत ए अकबर में हुज़ूर ग़ौसे आज़म शेख अब्दुल क़ादिर जिलानी रदिअल्लाहु अन्हु जैसे हस्ती ज़हूर पज़ीर हुए लेकिन किसी को भी शरीयत का ताज नहीं कहा गया क्यूंकि शरीयत मुस्तफ़ा सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की, वही उसके ताजवर।
आज के किसी मुल्ला को ये कहकर मुखातिब करना हद से आगे बढ़ना है। और गुनाहे कबीरा है।
ये कहना नुबूवत के मुतरादिफ है। ये ऐसा ही है जैसे चपरासी को प्राइम मिनिस्टर कहना।
या ऐसा ही है के किताब किसी और की और सरे वरक़ पर किसी और का नाम! इसको तो बेइंसाफी भी नहीं कह सकते ये तो सरासर हिमाक़त और सरकशी है। अगर किन्ही लोगो ने भी चापलूसी में ऐसे अलक़ाब दिए है तो इसपर राज़ी हो जाना कितनी बुरी बात है।

कोई उम्मती कैसे ताजुसशरिया हो सकता है जो की जानकार हो सकता है शरीयत का लेकिन मुख्तार नहीं हो सकता।
जिसकी शरीयत वही उसका ताज।
लेकिन अगर किसी ने अपनी मर्ज़ी के कुछ क़ानून घड कर ये इस्तिलाह ली हैं तो फिर ठीक है।
इस्लाम की शरीयत से उसका कोई ताल्लुक नहीं!

Hadith Aasman Ke Taro (Stars) Ke Barabar NekiyanAasman Ke Taro (Stars) Ke Barabar Nekiyan

Aasman Ke Taro (Stars) Ke Barabar Nekiyan

Sayyeda Ayesha رضي الله عنها Farmati Hain Ek Baar Rasool Allah ﷺ Mere Ghar Tashreef Farma The Aur Raat Roshan Thi Tu Maine Arz Kiya Ya Rasool Allah ﷺ Kya Kisi Ki Nekiyan Aasman Ke Sitaro Ke Barabar Hongi?
Rasool Allah ﷺ Ne Irshad Farmaya Haa Hai Aur Wo Hazrat Umar e Farooq رضي الله عنه Hai Jinki Nekiyan Aasman Ke Sitaro Ke Barabar Hain.

Hazrat Ayesha Siddiqa رضي الله عنها Farmati Hain Phir Maine Arz Kiya Ya Rasool Allah ﷺ Phir Mere Walid (Father) Hazrat Abu Bakr Siddiq رضي الله عنه Ki Nekiyan Kis Darje Me Hai?
Rasool Allah ﷺ Ne Irshad Farmaya Hazrat Umar رضي الله عنه Ki Tamam Nekiyan Hazrat Abu Bakr Siddiq رضي الله عنه Ki Ek Nekiyon Me Se Sirf Ek Neki Ke Barabar Hain

Yani Hazrat Umar Ki Asman Ke Sitaro Ke Barabar Nekiya Hazrat Abu Bakr Siddiq Ki Ek Neki Ke Barabar Hai Tu Socho Unki Ek Neki Ki Ye Shan o Azmat Hai Tu Sari Nekiyon Ka Kya Aalam Hoga Jab Ek Neki Ka Ye Alam Hai
Aur Isse Ye Bhi Pta Chala Ke Hazrat Ayesha Siddiqa Ka Aqeeda Ke Huzoor ﷺ Ko Iska Bhi ilm Hai Ke Aasman Me Kitne Sitare Hai Aur Uske Barabar Kiski Nekiya Hai Tabhi Tu Unhone Pucha Warna Kya Wo Nahi Janti Thi Ki Ye Koi Nahi Janta Ke Asmaan Me Sitare Kitne?

Reference Book
Mishkat al Masabih
Page 1711 Hadees 6059
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