मुआविया कौन है?*

*मुआविया कौन है?*
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जंगे बद्र में मौला अली अलैहिस्सलाम की तलवार से जो मक्के के बद्दतरींन काफ़िर व मुशरिक मारे गये उनमें:

*मुआविया का दादा उत्बा (यज़ीद का परदादा),*

*मुआविया का मामू वलीद,*

*मुआविया का भाई हन्ज़ला*

*और चचा शैयबा था।*

अमिरुल मोमिनीन मौला अली अलैहिस्सलाम के ज़ाहिरी चौथे ख़लीफ़ा ए राशिद बनने के बाद मुआविया ने हज़रत इमाम अली अलैहिस्सलाम को ख़लीफ़ा मानने से इन्कार कर बग़ावत कर मुल्के शाम (आज का सीरिया) में मुसलमानों को आप के ख़िलाफ़ भड़काकर खुद को अमिरुल मोमिनीन करार दिया और मौला अली अलैहिस्सलाम को जब धमकियों भरा ख़त भिजवाया तो उसके जवाब में मौला अली अलैहिस्सलाम ने मुआविया को ख़त भेजा उसमें आपने लिखा:

*”वह तलवार जिससे मैंने तेरे दादा उत्बा, तेरे मामू वलीद, और तेरे भाई हन्ज़ला और तेरे चचा शैयबा को क़त्ल किया वह आज भी मेरे पास है।”*
(A Silent warning)

Ref: तारीख़ इब्ने कसीर / तारीख़ ए तबरी / अल बिदाया

*कुछ सवाल उम्मते मुस्लिमा के नाम*

⭕ क्या यही वह तल्ख़ी थी, इन्तेक़ाम की तमन्ना थी कि जिसकी वजह से मुआविया ने अपने काफ़िर रिश्तेदारों का बदला लेने के लिये सारी ज़िन्दगी मौला अली अलैहिस्सलाम से जंगे की, उनके बेटे मौला हसन से जंगे की और सय्यदना इमाम हसन अलैहिस्सलाम को मजबूर कर ख़िलाफ़त हडप ली और बिलाआख़िर इमाम हसन अलैहिस्सलाम को ज़हर दिलवाकर शहीद करवा दिया?

⭕और यही सब नफ़रत की तालीम अपने बेटे यज़ीद को भी दी जिसका नतिजा करबला की जंग है जिसमें खानदान ए अली अलैहिस्सलाम को भूक प्यास के आलम में शहीद किया गया?

⭕गोया मुआविया ने जो पौधा लगाया वह करबला में पेड़ बना?

⭕नेकोकार के बेटे में बाप की सिफ़त कुछ तो आती ही है। मुआविया के फ़ज़ाईल जिस क़दर बयान करने की कोशिश की जाती है तो फिर यज़ीद जैसा ख़बीस लईन, आवारा, औबाश, ज़िनाख़ोर, जुआरी बेटा ऐसे जलिलुलक़द्र शख़्स से कैसे पैदा हुआ?

⭕और तो और ऐसे दयानतदार शख़्स ने अपने आवारा कमीने बेटे को अमीर व ख़लीफ़ा बना कर मुसलमानों के सर पर क्यों बिठा दिया? सब जानते है कि अपनी हयात में ही मुआविया ने मुसलमानों से यज़ीद की बैअत लेनी शुरु कर दी थी।

⭕जिन शर्तों पर मौला इमाम हसन अलैहिस्सलाम से सुलह की उनमें से कितनी शर्तों को मुआविया ने पूरी की? (किताबें भरी पड़ीं है कि एक भी शर्त पूरी नहीं की गई)

⭕यही वह शख़्स है जिसकी वजह से उम्मते मुस्लिमा दो धड़ों में बट गई?

*मुआविया का बचाओ करने के लिये यह हदीस पेश की जाती है कि रसूलल्लाह स. ने फ़रमाया: मेरे सहाबा हिदायत के सितारे है इनमें से जिसकी भी पैरवी करोगे हिदायत पाओगे।*

⭕क्या आप मुआविया की पैरवी करना पसन्द करोगे? जिसमें बग़ावत है, अहदशिक्नी है, जो ख़ायन हो, मुसलमानों और सहाबा का क़ातिल हो, दुनिया का लालची हो‼

*फ़ैसला आपके हाथ है।*

यह सारी बाते सच है आप खुद किताबों से तहक़ीक़ कर ले।

हम अली अलैहीस्सलाम
के साथ है।

अली वालों के साथ है।

*रसूलल्लाह स. ने फ़रमाया: हक़ अली के साथ हैं और अली हक़ के साथ हैं।*

ऐ मुसलमान! तू किसके साथ हैं?

*हक़ का साथ दो, अहलेबैत अलैहिस्सलाम का साथ दो*

❤खांन§αहेब❤

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