*जब किसी लड़की या औरत से शादी करने का इरादा हो तो उसे शादी का पैगाम देने से पहले मालूम कर लेना बेहतर है कि उसके लिये किसी और शख्स ने पहले से पैगाम तो नहीं दिया है या किसी से रिश्ते की बात चीत तो नहीं चल रही है । अगर ऐसा है तो उस लड़की के लिए निकाह का पैगाम हरगिज़ न दे । ऐसी हालत में निकाह का पैगाम देना सख्त मना है ।*
*_📚करीना ए जिन्दगी सफह 38_*
*💎हदीसः – हज़रत अबु हुरैरा व हज़रत अब्दुल्लाह इब्ने उमर रदियल्लाहु तआला अन्हुमा से रिवायत है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमायाः ” कोई शख्स अपने इस्लामी भाई के पैगाम पर अपने निकाह का पैगाम न दे । यहाँ तक कि पहला खुद इरादा तर्क कर दे या उसे पैगाम भेजने की इजाज़त दे दे ।*
*_📚बुखारी शरीफ़ जिल्द 2 , पेज 772_*

