15 सजाए ( Punishment )
अल्लाह ﷻ के नबी ﷺ फरमाते है
जो सुस्ती की वजह से नमाज छोड़ेगा , अल्लाह पाक उसे 15 सजाए देगा । छ दुनिया में , तीन मरते वक्त , तीन कब्र में और तीन कब्र से निकलते ( कयामत के ) वक्त
दुनिया मे मिलने वाली 6 सजाए
उसकी उम्र से बरकत खत्म कर दी जाएगी
उसके चेहरे से नेक बन्दों की निशानी मिटा दी जाएगी
अल्लाह तआला उसके किसी अमल का सवाब न देगा
उसकी कोई दुआ आस्मान तक न पहोंचेगी
नेक बन्दों की दुआ मे उसका कोइ हिस्सा न होगा
मख्लुक उससे नफरत करेगी
मरते वक्त मिलने वाली 3 सजाए
वोह जलील ( रुस्वा ) हो कर मरेगा
भुखा मरेगा*
प्यासा मरेगा अगर्चे सारी दुनिया के समन्दर उसे पिला दिए जाए फिर भी प्यास न बुझेगी
कब्र में मिलने वाली 3 सजाए
उसकी कब्र इतनी तंग हो जाएगी की उसकी पसलीया एक दुसरे मे दाखिल हो जाएगी
उसकी कब्र मे आग भर दी जाएगी फिर वो दीन रात अंगारों मे उलट पलट होता रहेगा
उस पर एक सांप मुसल्लत किया जाएगा जिसकी आंखे आग की , नाखुन लोहे के , अवाज बिजली की कडक की तरह होगी , जब भी वोह सांप उस मुर्दे को मारेगा वो मुर्दा 70 हाथ जमीन मे धंस जाएगा ओर कयामत तक ये अजाब होता रहेगा
कयामत की 3 सजाए
हिसाब की सख्ती
रब्बे कह्हार ﷻ की नाराजगी
जहन्नम मे दाखिला
📚( فیضانِ نماز ، صفحہ 426 ، 427 )
अल्लाह ﷻ हमे पंज गाना नमाज सहीह तज्वीद ( मखारीज ) के साथ ओर तमाम कवानीन व सुनन की रिआयत के साथ अदा करने की तौफीक दे

