
कर्बला के 65वें शहीद हज़रते शौज़ब इब्ने अब्दुल्लाह हमदानी
आप जनाबे आबिस शाकरी के गुलाम बड़े बहादुर ज़बरदस्त शहसवार और नमूदार शिया थे। आप हजरत अमीरूल मोमिनीन से हदीस की रिवायत किया करते थे। आप अपने मालिक जनाबे आबिस के साथ जब कि वह ख़ते मुस्लिम इब्ने अकील लेकर मक्के तशरीफ ले गये उन्हीं के हमराह मक्का-ए-मोअज़्ज़मा गये और ता-करबला साथ रहे और यहाँ तक कि यौमे आशूरा निहायत बहादुरी से इस्लाम पर कुर्बान हो गये।




