नबी ﷺकी तीन क़बीलों से नफ़रत



नबी ﷺकी तीन क़बीलों से नफ़रत

हज़रत अबू बरज़ा अस-सलामी (र.ज़ि.) से रिवायत है:
“रसूलुल्लाह ﷺ  के नज़दीक सबसे ज़्यादा नापसंदीदा क़बीले बनू उमय्या, बनू सक़ीफ़ और बनू हनीफ़ा थे।”
(मुस्तदरक अल-हाकिम: 390; मुस्नद अहमद: 5/444)

इमाम हाकिम ने कहा है कि यह हदीस सहीह है, और इमाम हाफ़िज़ नूरुद्दीन अल-हैसमी (780 हि.) ने लिखा है कि इस हदीस के सभी रावी (बयान करने वाले) सहीह और विश्वसनीय हैं। एक और हदीस में आप ( ﷺ) ने फ़रमाया कि अरब के सबसे ज़्यादा शरारती लोग यही तीन क़बीले हैं।
हज़रत इमाम अल-बुखारी और हज़रत ज़ुबैर बिन अल-अवाम (र.ज़ि.) से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ( ﷺ) ने फ़रमाया: “शर्र क़बैलिल अरब बनू उमय्यह व बनू हनीफ़ा व सक़ीफ़।”
(मुस्नद अबी याला, जिल्द 12, सफ़ह 196, हदीस 6768)
इमाम इब्न हजर अल-असक़लानी और इमाम हाफ़िज़ अल-बूसिरी ने फ़रमाया कि यह हदीस हसन दर्जे की है।
(अल-मतलिब अल-आलिया, जिल्द 1, सफ़ह 18, हदीस 27; फ़तहुल बारी, जिल्द 6, सफ़ह 13, हदीस 3239; इतिहाफ़ुल खियरा अल-मह्र: 10, सफ़ह 225, हदीस 9865)

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