Taboot e Sakina ka zikr in Quran ..hindi

यह ताबूत शमशाद की लकड़ी का एक ज़र-अन्दोज़ सन्दूक था जिस का तूल तीन हाथ का और अर्ज दो हाथ का था उसको अल्लाह तआला ने हज़रत आदम अलैहिस्सलाम पर नाज़िल फरमाया था उसमें तमाम अम्बिया अलैहिमुस्सलातु वस्सलाम की तस्वीरें थीं उनके मसाकिन व मकानात की तस्वीरें थीं और आखिर में हुजूर सय्यदे अम्बिया सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की और हुजर की दौलत सराए अकदस की तस्वीर एक याक ते सुर्ख में थी कि हुजूर बहालते नमाज़ कियाम में है और गिर्द आपके आपके असहाब। हज़रत आदम अलैहिस्सलाम ने उन तमाम तस्वीरों को देखा यह सन्दूक विरासतन मुन्तकिल होता हुआ हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम तक पहुंचा आप उसमें तौरेत भी रखते थे और अपना मख्सूस सामान भी चुनान्चे उस ताबूत में अलवाहे तौरेत के टुकड़े भी थे और हज़रत मूसा अलैहिस्सलातु वस्सलाम का असा और आपके कपड़े और आपकी न.लैन शरीफैन और हज़रत हारून अलैहिस्सलाम का अमामा और उनकी असा और थोड़ा-सा मन् जो बनी इसराईल पर नाज़िल होता था। हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम जंग के मौकों पर उस सन्दूक को आगे रखते थे इससे बनी इसराईल के दिलों को तस्कीन रहती थी आपके बाद यह ताबूत बनी इसराईल में मुतवारिस होता चला आया जब उन्हें कोई मुश्किल दर पेश होती वह उस ताबूत को सामने रख कर दुआयें करते और कामयाब होते दुश्मनों के मुकाबला उसकी बरकत से फतह पाते जब बनी इसराईल की हालत खराब हुई और उनकी बद अमली बहुत बढ़ गई और अल्लाह तआला ने उन पर अमालका को मुसल्लत किया तो वह उनसे ताबूत छीन कर ले गए और उसको नजिस में और गन्दे मकामात में रखा और उसकी बे हुरमती की और इन गुस्ताखियों की वजह से वह तरह तरह के अमराज व मसायब में मुबतला हुए उनकी पांच बस्तियां हलाक हुईं और उन्हें यकीन हुआ कि ताबूत की इहानत उनकी बरबादी का बायस है तो उन्होंने ताबूत एक बैल गाड़ी पर रख कर बैलों को छोड़ दिया और फरिश्ते उसको बनी इसराईल के सामने तालूत के पास लाए और उस ताबूत का आना बनी इसराईल के लिए तालूत की बादशाही की निशानी करार दिया गया था बनी इसराईल यह देख कर उसकी बादशाही के मुकिर हुए और जिहाद के लिए आमादा हो गए क्योंकि ताबूत पाकर उन्हें अपनी फ़तह का यकीन हो गया तालूत ने बनी इसराईल में से सत्तर हज़ार जवान मुन्तख़ब किये जिनमें हज़रत दाऊद अलैहिस्सलाम भी थे (जलालैन व जुमल व ख़ाज़िन व मदारिक वगैरह) फायदाः इससे मालूम हुआ कि बुजुर्गों के तबरूँकात का एजाज व एहतेराम लाज़िम है उनकी बरकत से दुआयें कबूल होती और हाजतें रवा होती हैं और तबरूँकात की बेहुरमती गुमराहों का तरीका और बरबादी का सबब है।

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