मुरीद होने का फायदा

मुरीद होने का फायदा

हज़रत ख्वाजा मोइनुद्दीन अजमेरी रहमतुल्लाह अलयह की आदते मुबारका थी कि आप हमसाये के हर जनाज़ा मे पहुंचते थे
अक्सर अवकात मय्यत के साथ कब्र पर भी तशरीफ ले जाते और तदफीन के बाद जब सब लोग चले जाते तो फिर भी कुछ वक्त के लिए आप रहमतुल्लाह अलयह कब्र पर बैठे रहते एक दिन हज़रत ख्वाजा उस्मान हारूनी रहमतुल्लाह अलयह का एक मुरीद फौत हो गया
हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज़ रहमतुल्लाह अलयह नमाज़े जनाज़ा के बाद हस्बे आदत उसकी कब्र पर बैठे रहे और मुराकबा फरमाया हज़रत ख्वाजा कुत्बुद्दीन बख्तियार काकी रहमतुल्लाह अलयह भी साथ मे थे
अचानक हज़रत ख्वाजा गरीब नवाज़ रहमतुल्लाह अलयह दहशत के आलम मे अपनी जगह से गभरा कर उठे और आपके चेहरे का रंग भी बदल गया कुछ वक्त के बाद आपकी तबीयत बहाल हुई तो आपने फरमाया
बयअत भी अजीब चीज़ है
हज़रत ख्वाजा कुत्बुद्दीन बख्तियार काकी ने अर्ज़ किया कि मेने अजीब कैफ़ियत देखी है पहेले आपका रंग बदल गया था और फिर कुछ वक्त के बाद बहाल हो गया था उसकी क्या वजह थी?? फरमाया
जब लोग इस मैयत को दफन करके चले गए तो इसे अज़ाब देने के लिए दो फ़रिश्ते आए

वोह इसे अज़ाब देना चाहते थे कि हज़रत ख्वाजा उस्मान हारूनी रहमतुल्लाह अलयह की सूरत सामने आ गई आप हाथ मे असा लिए हुए थे
आपन फरमाया_ अय फरिश्तो ये हमारे मुरीदो मे से है इसे अज़ाब ना दो
फरिश्तो ने कहा आपका ये मुरीद आपके तरीके पर नही चलता था
आपने फरमाया अगर चे ये हमारे तरीके के खिलाफ चलता था लेकिन इसने अपना हाथ मेरे दामन मे डाला हुआ है
गैब से हुक्म हुआ अय फरिश्तो इसे छोडदो हमने इसके पीर के तुफैल इसके गुनाह बख्श दिए तरीकत की बयअत अयसे कठीन मरहले मे काम आती है_!!!

( मिरअतुल आशीकीन 221/222 )

Leave a comment