Day: January 10, 2021
Jahiliyat aur Munafiqat se bachne ke liye kya karen
Madine ke moti 146

Hadith हुज़ूर नबी ए करीम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम की शफ़ात उन्हीं लोगों के लिए है जो लोग अहलेबैत ए रसूल से मोहब्बत करते हैं

हुज़ूर नबी ए करीम सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम की शफ़ात उन्हीं लोगों के लिए है जो लोग अहलेबैत ए रसूल से मोहब्बत करते हैं
हज़रत सय्यदना मौला अली कर्रमअल्लाहो वजहुल करीम से रिवायत है हुज़ूर सल्लल्लाहो अलैहे वा आलेही वा सल्लम ने इरशाद फ़रमाया
“मेरी उम्मत में उसके लिए ही मेरी शफ़ात है जिसने मेरे अहलेबैत से मोहब्बत की
हवाला📚📚
तारीख़ ए बग़दाद 2/146
फ़ज़ाइल ए अहलेबैत 70
मौला अली फरमाते है
मौला अली फरमाते है
जो इंसान अपने ज़माने के इमाम को ना पहचाने और इस दुनिया से उठ जाए उस की मौत कुफ्र व ज़लालत की मौत है लिहाज़ा तुम पर अपने अपने वक्त के इमाम की इता अत लाज़िम है और उस से ला इल्म रहने कि भी तुम्हे माफी नहीं
नहजुल बलागह

