Dour_e_Hazir_ka_Noujwan_aur_Islah_kay_Taqazy

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क़ुरान कहो कि भला अगर तुम सच्चे हो तो अपनी दलील पेश करो # इख़्तिलाफ़ मुआविया बिन_अबु सुफियान

★ क्या मुआविया ने जमल और सिफ़्फ़ीन के बाद बेयत कर ली थी..??
★क्या मुआविया और मौला अली के बीच कोई समझौता हुआ था..??
★ क्या मुआविया को अहले बैत से मोहब्बत थी..???
★ सुलह ए इमाम हसन एक सुलाह थी ना कि बेयत , कोई दलील से बेयत साबित करें 【सबको दावत है आये इस्लाह करे】
★ क्या सुलाह हसन की शराइत को पूरा किया गया..???
★ 20 साला हुकूमत ए मुआविया में उसके गवर्नर मौला अली को गालियां देते रहे इस पर मुआविया ने क्या रद्दे अमल किया..???

अल्लाह के रसूल सल्लाहू अलैहि व आलेही वस्सलम ने अपनी शरीयत के मुकम्मल हो जाने के बाद
ब हुक्म ए रब्बी हर आने वाले मुसलमान के ईमान का मयार अमीरुल मोमेनीन अली इब्ने अबी तालिब अलैहिस् सलाम की मोहब्बत को तय कर दिया है..!!

#सहीमुस्लिमहदीस_240 में साफ और वाज़ेह रोशन दलील है कि मौला #अली से #मोहब्बत सिर्फ #मोमिन करेगा और उनसे #बुग्ज़ सिर्फ #मुनाफ़िक़ करेगा

इसी कसौटी पर सबके ईमान तोले जायेगे सहाबा से तबाई तक,
ताबाई से तबे-ताबाई तक और उनसे हर मुसलमान तक

इसलिए लिए अल्लामा इकबाल कह गए कि
की मोहम्मद से वफ़ा तो हम तेरे है, दो जहाँ चीज़ है क्या लोहो कलाम तेरे हैं

आईये देखे इस कसौटी पर कथा कथित सहाबी मुआविया बिन अबु सुफियान कहा पाए जाते हैं

● #इब्नेमजाहहदीस_121 में जब मुआविया को साद इब्ने अबी वक़्क़स मिले तो उन्हें ज़िक्र ए अली अ° सुन कर ऐसे न मुनासिब कलेमात इस्तेमाल किये जिससे वो नाराज़ हो गए और कहा:- आप ऐसा उस शख्स के बारे में कह रहे हैं ,जिसके बारे में रसूल ने कहा जिसका मैं मौला उसके अली मोला और ये भी कहा कि अली तुम मेरे वही निस्बत रखते हो जो मूसा के लिए हारून रखते थे बस मेरे बाद कोई नबी नही होगा

● #सहीमुस्लिमहादिस6220 में मुआविया बिन अब सुफियान ने साद बिन अबी वकास को हुक्म दिया और कहा #मामनाअकाअनतोसब्बाअबू तुराबा “यानी तुम्हे कौनसी चीज़ रोकती है अली को गाली देने से”

अब इस हादिस के उर्दू तर्जुमे में लफ्ज़ ए गाली का तर्जुमा बुरा कहना लिखा है जो कि सही नही है जबकि अरबी मतन में #सब्बा साफ लिखा जिसका उर्दू मतलब गाली हैं

● #सहीमुस्लिमहादिस6229 में मुआविया का मुन्तख़ब गवर्नर ने सहाबी ए रासुल #सहलबिन_साद को हुक्म दिया मौला अली पर लानत करें.!
ये हदीस बताने की ज़रूरत इसलिए थी कि हुकूमत ए मुआविया में मीम्बरों से मोला अली पर लान तान सब्बो सितम करना आम था जिसे उमर बिन अब्दुल अजीज रहमतुल्लाहि अलहे ने बंद करवाया

● #सहीबुखारीहादिस4108 मुआविया ने भरे मजमे में #अब्दुल्लाहबिनउमर की बेइज़्ज़ती करते हुए कहा तेरे बाप #उमर से भी ज़्यादा हम #खिलाफतके_हकदार थे

● #सुननएनिसाई_हादिस_3009 में मुआविया ने बुग्ज़ ए अली में सुन्नत रसूल को बंद करवाया इब्ने अब्बास ® ने फिर शुरू करवाई सुन्नत

● #सुननतिर्मिज़ीहादिस_2226 में बताया गया है कि बनू उमय्या की हुकूमत बदतरीन बादशाहत है जिसका बानी मुआविया बिन अबु सुफियान था

● #सहीबुखारीहदीस_3703 अली अ° को बुरा भला कहलवाने का हुक्म दिया गया

● #सहीबुखारीहादिस_48 में रासुल्लाह ने कहा कि मुसलमानो का गाली देना फुसुक है और उनसे लड़ना कुफ्र ये दोनों ही काम मुआविया ने किए है जमाल और सिफ़्फ़न में

● #तिर्मिज़ी_3724 हादिस में मुआविया ने मौला अली को बुरा कहने का हुक्म दिया

● #सहीमुस्लिमहादिस_4776 में सहाबी के रसूल ने बताया कि की मुआविया लोगो को नाहक़ क़त्ल करने का हुक्म देता है और उनका माल लूटने का भी

● #सुननअबुदाऊद_4131 में साबित होता है कि मुआविया के अमल सुन्नत के खिलाफ जान बूझ कर थे और इसी हादिस में वो शहादत ए इमाम हसन पर खुशी जाहिर करते है

नौज़ुबिल्लाह मीन ज़ालिक

और जो कहते है सभी सहाबी जन्नत में जायेगे चाहे कैसे भी अमल कारे वो लोगो ये हदीस पड़े

● #सहीबुखारीहादिस_6585 की अल्लाह की नबी के सहाबी भी जहन्नम में जायेगे अगर वो दिन से हटे तो और बुग्ज़ के अली मुनाफ़िक़त है बिला शक ओ शुबाह

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#सहीमुस्लिमहादिस_7035 जिस में साफ लिखा है कि रासुल्लाह के 12 सहाबी मुनाफ़िक़ थे जिसमें से 8 तो जन्नत की खुशबू भी नही मिलेंगी