हज़रत अबु हुरैराह रज़ि० बयान करते है की रसूलल्लाह ने फरमाया:
1. बदग़ुमानी से बचते रहो क्यूंकी बदग़ुमानी की बाते अक्सर झूंठी होती है,
2. लोगो के ऐब तलाश करने के पीछे ना पड़ो,
3. आपस मे ह़सद (एक दूसरे से जलन) ना करो,
4. किसी की पीठ पीछे बुराई ना करो,
5. बुग़्ज़ (किसी से नफरत) ना रखो,
बल्की सब अल्लाह के बन्दे आपस मे भाई-भाई बन कर रहो।
सहीह बुखारी हदीस नं० 6064

