हज़रत उक़बा बिन आमिर (रज़िअल्लाहु तआला अन्हु) से रिवायत है कि
तीन आैक़ात एेसे हैं जिनमें आप (सल्लल्लाहु तआला अलैह वसल्लम) ने नमाज़ पढ़ने आैर मुर्दाें काे दफनाने से मना फरमाया-
1️⃣ कि जब सूरज तुलूअ हाे रहा हाे
2️⃣ ठीक दाेपहर के वक्त यहाँ तक कि ज़वाल हाे जाये
3️⃣ आैर जब सूरज डूबने के करीब हाे जाये यहाँ तक कि डूब जाये ।
📚 (अबू दाऊद -सुनन-1/515-1519)
📚 (अबू दाऊद -सुनन-3/557-3192)

