Hadith अबू दाऊद शरीफ 558

हृदीस शरीफ़ : फज्र और इशा की नमाज़ की फ़ज़ीलत

हज़रत बुरैदा रज़ियल्लाहु अन्हू फ़रमाते हैं के रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम ने अँधेरे में (फज्र और इशा की नमाज़ के लिए) मस्जिद में जाने वालों को खुशखबरी दी है के क़यामत के दिन उनके लिए मुकम्मल नूर होगा।

अबू दाऊद शरीफ 558

Madine ke moti 151

“वालिदैन की नाफरमानी”

रसूलुल्लाह ने फरमाया”अल्लाह तआला

हरगुनाह की सज़ा क़यामत तक के लिये मुअख्खर कर देता है,मगर अल्लाह तआला माँ-बाप की नाफरमानी करने वाले को मरने से पहले दुनिया में ही सज़ा दे देता है”

{मुस्तदरक:7263}