
Month: June 2020
Hadith Tirmizi 2790
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🍁 Hazrat Abdullah bin Umar (Raziyallahu ‘Anhuma) riwaayat karte hain ke Rasulullah ﷺ ne Irshaad farmaaya: Teen Cheezon ko radd nahi karna chahiye (yani koi de to inkaar nahi karna chahiye) Takiya, khushbu aur doodh. (Tirmizi: 2790)
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उस्मान गाज़ी क खुव्वाब
*एक दीन जब उस्मान गाज़ी अपने मुरशिद के यहा एक आस्ताने पे सोए हुवे थे उन्होंने खुव्वाब देखा , की एक चांद उनके मुरशिद शेख अदावली के सुने से नमूदार हुवा ओर उस्मान गाज़ी के सीने में उतर गया,। उनके पहलू से एक पेड़ नमूदार हुवा बढ़ता चला गया और बहरो-बर पे छा गया जिसकी जड़ो से 4 🌊दरिया निकले, ओर 4 पहाड़ 🏔उसको संभाले हुवे थे, की अचानक तेज हवा चलती हे और उस पेड़ की पत्तियां हवा में उड़ते हुवे , एक आलीशान शहर की तरफ गई , उस शहर से 2 दरिया ओर 2 बार्रेआज़म मिलते थे,ओर वो एक अंघुटी कि तरह था जिसे उस्मान गाज़ी पहनना चाहते थे*
_👑गाज़ी उस्मान ने अपना ये खुव्वाब अपने मिर्शिद शेख अदावली को सुनाया_
*उनके मुरशिद शेख अदावली ने उनको मुबारक बाद दी और कहा कि अल्लाह तआला ने तुम्हे ओर तुम्हारी नस्ल को इस्लाम के लिए चुन लिया हे, तुम मेरी बेटी से निकाह करोगे*
*उस्मान गाज़ी ने जो 4 दरया देखे थे ,*
(1)दरया ए दजला🌊
(2)दरया ए नील🌊
(3)दरया ए फराक🌊
(4)दरया ए दनयूग 🌊
*ओर जो 4 पहाड़ देखे थे*
(1) कोह ए तूर🏔️
(2)कोह ए बालकान🏔️
(3) कोह ए काफ🏔️
(4) कोह ए अरतलस🏔️
*बाद में उस्मान गाजी के बेटे के जमाने मे ये सल्तनत इन पहाड़ , इन दरियाओं तक फैल गई थी ,दरअसल ये खुव्वाब सल्तनत ए उस्मानिया की वुसअत की एक पैसनगोही थी*
*ओर शहर मुराद वो शहर जिसे गाजी उस्मान के पोते गाज़ी मोहम्मद फातेह ने फतेह किया जिसका नाम कुस्तुन्तुनिया इस्ताम्बुल कहते हे*
*इसी शहर के ताल्लुक़ से हुजूर सल्ललाहो तआला अलेह वसल्लम ने बसारत भी दी थी कुस्तुन्तुनिया को तुम फातेह करोगे*
*तारीख में इतनी लम्बी ओर इतने अरसे तक कायम रहने वाली हुकूमत किसी की नही रही, ओर नाही किसी खानदान में आले उस्मान के बराबर क़ाबिल हुक्मरान पैदा हुवे*
*गाजी उस्मान निहायत ही ईमानदार और अपनी रियाया के साथ आदलो इंसाफ करता थे, उनका रहन सहन एकदम सदा था ,उन्होंने कभी दौलत जमा नही की ,जो मालेगनीमत आता उसमे से यतीमो ,गरीबो, का हिस्सा निकाल के अपने सिपाहियों में तकसीम कर देते थे , वो बोहोत ही फय्याज ओर मेहमान नवाज़ थे इसी वजह से उनका नाम तुर्की में बोहोत अदब से लिया जाता हे*
Causes of Communication Gap
SERMON 111
ومن خطبة له (عليه السلام)
ذكر فيها ملك الموت وتوفية الانفس
[وعجز الخلق عن وصف الله]
هَلْ تُحِسُّ بِهِ إِذَا دَخَلَ مَنْزِلاً؟ أَمْ هَلْ تَرَاهُ إِذَا تَوَفَّى أَحَداً؟ بَلْ كَيْفَ يَتَوَفَّى
الْجَنِينَ فِي بَطْنِ أُمِّهِ؟! أَيَلِجُ عَلَيْهِ مِنْ بَعْضِ جَوَارِحِهَا؟ أَمِ الرُّوحُ أَجَابَتْهُ بَإِذْنِ رَبِّهَا؟ أَمْ هُوَ سَاكِنٌ مَعَهُ فِي أَحْشَائِهَا؟ كَيْفَ يَصِفُ إِلهَهُ مَنْ يَعْجَزُ عَنْ صِفَةِ مَخْلُوق مِثْلِهِ؟!
SERMON 111
About the Angel of Death and depart of spirit
Do you feel when the Angel of Death enters a house, or do you see him when he takes out life of anyone? How does he take out the life of an embryo in the womb of his mother? Does he reach it through any part of her body or the spirit responded to his call with the permission of Allah? Or does he stay with him in the mother’s interior? How can he who is unable to describe a creature like this, describe Allah?

