Hadeeth मिश्कात,जिल्द 1,सफह 22

हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम अकसर युं दुआ करते थे कि ” ऐ दिलों को बदलने वाले मेरे दिल को अपनी इबादत पर क़ायम रख_*

*📕 मिश्कात,जिल्द 1,सफह 22*

Leave a comment