हज़रत उमर रज़ि0 के सैन्य सुधार
#Military_Refroms_By_Hazrat_Umar_raहज़रत अबू बक्र सिद्दीक़ रज़ि0 ने खिलाफ़त को अंदरूनी तौर पर इतना मज़बूत कर दिया था कि हज़रत उमर फारूक रज़ि0 इस से बिल्कुल बे फिक्र हो गए थे इसलिए आपने खिलाफ़त को बाहरी तौर से मज़बूत करने और फैलाने की तरफ़ ध्यान दिया और सब से पहले फौजी निज़ाम को और दुरुस्त करने की तरफ़ तवज्जो दी . आपने आर्मी के ये सुधार किए
1- फौज में भर्ती होने के लिए दौड़ लगवानी शुरू की. इस से पहले पूरी दुनिया में कोई भी शख्स बग़ैर किसी टेस्ट के आर्मी में भर्ती हो सकता था.
2- फौजियों की मासिक तनख्वाह फ़िक्स की. इस से पहले सिर्फ युद्ध जीतने के बाद हासिल होने वाला माल ही फौजियों में बांटा जाता और बस.
3- हर फौजी को 3 महीने बाद छुट्टी देने का नियम बनाया ताकि वो अपने बीवी बच्चो से मिल सके
(हज़रत उमर रज़ि0 का बनाया हुआ ये नियम आज भी इंडियन आर्मी को पढ़ाया जाता है कि ये नियम खलीफा उमर ने बनाया था.)4- हर फौजी का हुलिया लिखना भी आप ही ने शुरू किया था.
हज़रत उमर फारूक रज़ि0 के बनाए हुए ये कायदे कानून आज भी इतने ही अहम है जितने अब से 1400 साल पहले थे. दुनिया की हर आर्मी इन कायदे कानून के तहत ही चलती है. हज़रत उमर जीनियस थे और ये जिनीयसनेस आपके अंदर अपने आक़ा ओ मौला नबी करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की तालीम ओ तरबियत से पैदा हुई थी.

