
Day: May 22, 2020
Hadith ibn e majah 274

Hadeeth दैलमी फी अल फिरदोस 03/142 रकम 2723
हज़रत उमर फारुख र.अ. फरमाते है कि हुज़ूर ए पाक सल्ललाहो अलेह वा आलेही वस्सलम ने इरशाद फ़रमाया
हज़रत अली इब्ने अबुतालिब अ.स. की मुहब्बत आग से आज़ादी की सनद है
📚दैलमी फी अल फिरदोस 03/142 रकम 2723
नबी और अली
*नबी और अली*
*दोनों की परवरिश अबु तालीब ने की*
*एक मुस्तफा बने।*
*एक मुर्तजा बने।*
*नबी रिसालत,*
*अली इमामत,*
*नबी हिक्मत,*
*अली बाबे हिक्मत,*
*नबी अदालत,*
*अली वकालत,,*
*नबी सखावत,*
*अली विरासत*,
*नबी रसुलूल्लाह*
*अली असदुल्लाह,*
*नबी हबीबल्लाह*
*अली वलीअल्लाह,*
*नबी हाफीज़*
*अली मुहाफ़िज,*
*नबी कुरआन*
*अली जुबान,*
*नबी इब्तेदा*
*अली इन्तहा,*
*नबी शहर*
*अली दरवाजा,*
*नबी मुस्तफा*
*अली मुर्तजा,*
*नबी मालिक ओ मुख्तार*
*अली हैदर ए कर्रार*
*नबी मेहबूब ए खुदा*
*अली शेरे खुदा*
*फरमान ए मोहम्मद ऐ मुस्तफा सल्लल्लाहो अलैही वसल्लम..*
*अली मेरा भाई*
*अली मेरा खुन*
*अली मेरा गोश्त*
*अली मेरा नुर*
*अली मुझ से है, मैं अली से हुं।*
*जिस का मैं मौला, मेरे बाद अली भी उस का मौला।*
*हम को अली की हद नही मिलती*
*और लोग केहते हैं के हम अली को हद से ज्यादा मानते है… ताज्जुब है !*
❣️❣️ *या अली मदद* ❣️❣️

